भारतीय व‍िशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआइडीएआइ ने शुक्रवार को बैंकों से आधार भुगतान प्रणाली को बंद नहीं करने को कहा है। यूआइडीएआइ का कहना है कि आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) को बंद करने से यह कल्याणकारी लाभों के वितरण में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

Advertisement

यह स्पष्टीकरण उस वक्त आया, जब यूआइडीएआइ ने भारतीय स्टेट बैंक एसबीआई द्वारा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम एनपीसीआई को भेजे गए पत्र का संज्ञान लिया।

Advertisement

बता दें कि 19 नवंबर, 2018 को लिखे अपने पत्र में एसबीआइ ने एनपीसीआइ को आधार आधारित भुगतान प्रणाली बंद करने की अपनी मंशा जाहिर की थी।

एसबीआइ का कहना है कि आधार आधारित भुगतान प्रणाली को जारी रखने से हालिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन होगा। यूआइडीएआइ ने कहा कि इस मामले की गौर से जांच की गई है और सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्यक्रम की संवैधानिकता को बरकरार रखा है, विशेष रूप से आधार अधिनियम की धारा 7।

Advertisement

गौरतलब है कि सितंबर में सुनवाई के दौरान देश की सर्वोच्च अदालत ने आधार की संवैधानिक वैधता पर अपना फैसला बरकरार रखा था। इस महत्वपूर्ण फैसले के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि आधार की जरूरत कहां होगी और कहां नहीं।

कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि बैंक खाता खोलने, स्कूल में दाखिले, मोबाइल नंबर इन सब के लिए आधार की जरूरत नहीं होगी। कोर्ट के इसी फैसले को लेकर एसबीआइ ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम को पत्र लिखा था।