ग्राहकों से सेवा शुल्‍क वसूलने वाले होटल और रेस्‍टोरेंट पर आयकर विभाग ने अपना रुख सख्‍त कर लिया है। जी हां आयकर विभाग ने कहा है कि ऐसे होटल और रेस्‍टोरेंट जो ग्राहकों से सर्विस चार्ज लेते हैं लेकिन कर्मचारियों एवं कामगारों को इसका फायदा नहीं देते हैं ऐसी ईकाइयों को इस पर आयकर देना होगा। बता दें कि ग्राहकों से आमतौर पर सर्विस चार्ज के नाम पर 10 प्रतिशत तक की राशि वसूली जाती है।

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विभाग ने क्षेत्रीय कार्यालयों को होटल और रेस्‍टोरेंट के बहीखातों की जांच करने के लिए कहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईकाइयों ने सेवा शुल्‍क की जानकारी छुपाई या शुल्‍क कम करके तो नहीं दिखया है।

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कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालयों की ओर से उठाई गई चिंताओं के बाद केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (CBDDT) का यह फरमान आया है। मंत्रालय ने कहा था कि कुछ होटल और रेस्‍टोरेंट अनिवार्य रुप से ग्राहकों से सेवा शुल्‍क वसूलते हैं।

यह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों का उल्‍लंघन है। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि संभव है कि ग्राहकों से वसूला गया सेवा शुल्‍क रेस्‍टोरेंट के कर्मचारियों के बीच वितरित नहीं किया जाता हो। CBDT ने क्षेत्रीय कार्यालयों से सेवा शुल्‍क के नाम पर वसूले जाने वाले धन को कम करके या फिर उसकी जानकारी छुपाने के मामलों का पता लगाने के लिए कहा है।

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बोर्ड ने कहा है कि यदि होटल या रेस्‍टोरेंट सेवा शुल्‍क का पैसा कर्मचारियों या कामगारों को नहीं देते या फिर सर्विस चार्ज को कम करके दिखाते हैं तो उनकी यह कमाई आयकर के दायरे में होगी।