डीएचएफएल कंपनी की दूसरी तिमाही का रिजल्ट आ चुका है। फाइनेंशियल ईयर 2019 की दूसरी तिमाही में का मुनाफा 52.5 प्रतिशत बढ़कर 438.7 करोड़ रुपए रहा है। जबकि वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में डीएचएफएल का मुनाफा 287.8 करोड़ रुपए रहा था।
कंपनी ने 10,000 करोड़ रुपये तक गैर-परिवर्तनीय सुरक्षित / असुरक्षित रिडीमबल डिबेंचर जारी करने और 1000 करोड़ रुपये तक गैर-परिवर्तनीय निरंतर असुरक्षित डिबेंचर जारी करने की भी मंजूरी दे दी।
तो वहीं वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में डीएचएफएल की आय 33.8 प्रतिशत से बढ़कर 3,515.7 करोड़ रुपए रही है। फाइनेंशियल ईयर 2018 की दूसरी तिमाही में डीएचएफएल की आय 2,627.9 करोड़ रुपए रही थी। जबकि सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में डीएचएफएल का टैक्स खर्च 106.2 करोड़ रुपए से बढ़कर 194.1 करोड़ रुपए रहा है।
इसके अलावा तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में डीएचएफएल का ग्रॉस एनपीए 0.93 प्रतिशत से बढ़कर 0.96 वप्रतिशत रहा है। तो वहीं तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में डीएचएफएल का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.44 प्रतिशत से घटकर 3.15 प्रतिशत रहा है। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में डीएचएफएल की प्रोविजनिंग 90.6 करोड़ रुपए से बढ़कर 132.7 करोड़ रुपए रही है।
कंपनी तरलता स्तर को बढ़ाने के लिए और अधिक संसाधनों को बढ़ाने की प्रक्रिया में है ताकि कंपनी सभी वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित रहे। डीएचएफएल के उधार 31 बैंकों, एनसीडी, सीपी, ईसीबी, मसाला बांड और खुदरा सार्वजनिक जमा के बैंकिंग संघ के साथ विविधतापूर्ण हैं।
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