जो लोग प्राइवेट नौकरी करते हैं वो खुश हो जाएं क्‍योंकि प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारियों के स्‍वास्‍थ्‍य और सामाजिक सुरक्षा के लिए सरकार जल्‍द ही एक बड़ा फैसला ले सकती है। जी हां श्रम मंत्रालय देश में प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों की सुरक्षा और सेहत के लिए एक राष्‍ट्रीय बोर्ड गठित कर सकता है। जिसके के लिए मंत्रालय स्‍टेकहोल्‍डर्स से बातचीत कर रही है।

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साथ ही मंत्रालय नौकरियां देने वाली कंपनियों को भी नेशनल लाइसेंस दे सकता है। इसके संबंध में जल्‍द ही मंत्रालय की ओर से मसौदा जारी किया जाएगा क्‍योंकि सरकार इसके तहत लेबर कोड देने पर विचार कर रही है।

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ट्रेड यूनियन और कर्मचारियों के बीच इस सप्‍ताह होने वाली बैठक में उम्‍मीद है कि मजदूरों की सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और काम की सही परिस्थितियों के बारे में एक लेबर कोड को स्‍वीकृति मिल जाएगी। इसक बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा। यदि सबकुछ सही चलता है तो संसद के शीत सत्र में ही इसे पेश कर दिया जाएगा।

आपको बता दें कि इस कोड में कॉन्‍ट्रैक्‍ट पर नौकरी करने वाले कर्मी भी शामिल होंगे। कर्मचारियों की नौकरी और सभी सेक्‍टरों में कर्मियों के सही वर्किंग कंडीशन को रेगुलेट करने पर फोकस किया गया है। इसमें नेशनल ऑक्‍यूपेशनल सुरक्षा और हेल्‍थ एडवाइजरी बोर्ड का गठन करने का जिक्र किया गया है। यह दोनों संस्‍थाएं सरकार को कर्मचारियों के बारे में नियम और कानून बनाने में मदद करेंगी और यह भी देखेंगी कि उनका पालन ठीक से हो रहा है कि नहीं।