अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दो दिन की बैठक के बाद कल गुरुवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया है। अमेरिका में ब्याज दर बिना बदलाव के 2 से 2.25 प्रतिशत पर बरकरार है। इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने सितंबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी की थी।
तो वहीं फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने बैठक में दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के संकेत दिए हैं। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल का कहना है कि सितंबर बैठक के बाद बेरोजगारी रेट में कमी आई है। लेबर डिपार्टमेंट की वीकली रिर्पोट के अनुसार, बेरोजगारी लेवल 3.7 प्रतिशत पर है जो दिसंबर 1969 के बाद सबसे कम है।
आपको बता दें कि इससे पहले सितंबर में यूएस फेड ने 2019 में दरों का अनुमान 2.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.9 फीसदी कर दिया है। तो वहीं अगले साल तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि 2020 तक ब्याज दरें बढ़कर 3.4 फीसदी हो सकती हैं।
सितंबर में अपनी आखिरी नीति बैठक के बाद से अर्थव्यवस्था के लिए फेड के दृष्टिकोण में समग्र रूप से बयान में बदलाव आया।
2017 के अंत में टैक्स कोड के पुनर्गठन के हिस्से के रूप में कॉर्पोरेट टैक्स रेट को कम करने के लिए ट्रम्प प्रशासन के कदम के पीछे निवेश को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्यों में से एक था।
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