सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक ने कहा है कि केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष में बैंक में 3,054 करोड़ रुपए की पूंजी डालेगी। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिर्पोट के अनुसार केंद्र सरकार ने इलाहाबाद बैंक को यह सूचना दी है कि वह वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक को सूचना दी है कि वह वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक 3,054 करोड़ रुपए की पूंजी डालेगी।
यह पूंजी इक्विटी शेयरों (विशेष सिक्योरिटी/बांड्स) के आवंटन के बदले निवेश के रुप में डाली जाएगी। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अंत में इलाहाबाद बैंक में पूंजी पर्याप्तता अनुपात बेसल-3 नियम के अनुसार सिर्फ 6.88 प्रतिशत रह गई थी। वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही के अंत में इस बैंक में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 71.81 प्रतिशत थी।
इलाहाबाद बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में 1,944.37 करोड़ रुपए का नुकसान उठाया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक को 28.84 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।
बैंकिंग नियामक भारतीय रिजर्व बैंक ने कोलकाता मुख्यालय वाले इलाहाबाद बैंक पर इस साल मई में त्वरित सुधार कार्रवाई फ्रेमवर्क के तहत अतिरिक्त पाबंदी लगाई थी।
इलाहाबाद बैंक के लोन में कुल एनपीए जून तिमाही में कर्ज के 15.97 प्रतिशत पर पहुंच गया। उससे पिछली तिमाही में यह कुल कर्ज के 15.96 प्रतिशत पर था। इलाहाबाद बैंक का नेट एनपीए 8.04 प्रतिशत की जगह 7.73 प्रतिशत पर पहुंच गया।
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