पुराने नोटों का बंद होना और कालेधन का सरकार के पास जमा होना अक्‍सर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर सकता है कि आखिर वो पुराने नोटों का करते क्‍या हैं। तो आपको बता दें कि पहले की पुरानी नोटों का क्‍या हुआ यह हमें भी नहीं पता, लेकिन पिछले साल बंद हुई 500 और 1000 रुपए जैसी पुरानी नोटों का उपयोग किस तरह किया जाता है यहां पर आपको बताएंगे।

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पुराने नोटों का बनता है हार्डबोर्ड

8 नंवबर 2017 पुराने 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद हुए पूरे एक साल हो गए हैं। अब सवाल यह है कि सरकार इन पुरानी नोटों के साथ कर क्‍या रही है। पत्रिका न्‍यूज वेब पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार इन पुरानी नोटों को रिसाइकल किया जा रहा है। इन नोटों को रिसाइकल करके हार्डबोर्ड बनाए जाएंगे। जिसका उपयोग दक्षिण अफ्रीका में होगा।

दक्षिण अफ्रीका के चुनाव में होंगे इस्‍तेमाल

इन पुराने नोटों से जो हार्डबोर्ड बनेंगे दक्षिण अफ्रीका के चुनाव में इस्‍तेमाल किए जाएंगे। यानी पुराने नोटों का हार्डबोर्ड बनाकर उन्‍हें दक्षिण अफ्रीका भेज दिया जाएगा।

800 टन हैं पुराने नोट

पत्रिका न्‍यूज ने अपने वेब पोर्टल में आगे जानकारी देते हुए बताया कि केरल में कन्‍नूर की कंपनी वेस्‍टर्न इंडियन प्‍लाईवुड लिमिटेड के मार्केटिंग प्रमुख पी महबूब ने बताया कि आरबीआई के तिरुवनंतपुरम के ऑफिस से उन्‍हें करीब 800 टन पुराने नोट दिए गए हैं। जहां इसका इस्‍तेमाल रिसाइकल करके प्‍लाईवुड या हार्डबोर्ड बनाने में किया जाता है। उनकी कंपनी 1945 से प्‍लाईवुड और ब्‍लैक बोर्ड बनाती है।

लुगदी से बनता है हार्डबोर्ड

लकड़ी की लुगदी से कई तरह के बोर्ड बनते हैं। इस बोर्ड को बनाने में पुराने नोट की लुगदी का इस्‍तेमाल किया जाएगा। नोटों की लुगदी के साथ मिलाकर बोर्ड बनाए जाएंगे। बोर्ड बनाने का काम थर्मोमकैनिकल पल्पिंग तकनीक से किया जाता है।

पहली बार हो रहा है ऐसा
यह माना जा रहा है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि भारतीय मुद्रा के रिसाइकल कर हार्ड बोर्ड बनाया जा रहा है और इसका इस्‍तेमाल किसी और देश में किया जाएगा।