दो साल पहले इसी दिन नोटबंदी की गई थी और मार्केट से 1000 के नोट बंद कर दिए गए थे और 500 के और 2000 के नए नोटों का आना शुरु हुआ था। आज नोटबंदी के 2 साल पूरे हो गए हैं। 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 और 500 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान किया था।
उस मौके पर वित्त मंत्री का कहना था कि नोटबंदी का उद्देश्य कैश को जब्त करना नहीं बल्कि उसे अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाना और टैक्स जमा करवाना था। आज फिर एक ब्लॉग के जरिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी के कारण टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी हुई इससे देश की राजकोषीय स्थिति सुधरी है।
उन्होंने कहा है कि देश में पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन में पिछले साल के मुकाबले 20.2 फीसदी की बढ़त आई है। यहां तक की कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन भी 19.5 फीसदी बढ़ा है। जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि सरकार के प्रयासों के कारण डिजिटल ट्रांजेक्शन में भी बढ़त आई है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद UPI ट्रांजेक्शन अक्टूबर 2016 में 50 करोड़ थे, जो सितंबर 2018 में बढ़कर 568 अरब हो गए। तो वहीं भीम ट्रांजेक्शन की वैल्यू में भी बढ़त आयी।
उनके अनुसार अभी भीम एप को 1.25 करोड़ लोग उपयोग करते हैं। भीम के जरिए सितंबर 2018 में 70.6 अरब के ट्रांजेक्शन हुए। जेटली के अनुसार बैंकों में ज्यादा नकदी आने के कारण उनके लोन देने की क्षमता बढ़ी और बहुत सा पैसा म्यूचुअल फंड में गया।
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