आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने विलफुल डिफॉल्टर्स के नामों को सार्वजनिक किए जाने के मुद्दे पर कहा कि ये समझ के बाहर है वैसे लोगों के नाम को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर धोखाधड़ी करने वालों को दंड नहीं दिया जाएगा तो ये धोखाधड़ी को प्रोत्साहन देने जैसे होगा।

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रघुराम राजन मे मौजूदा गवर्नर उर्जित पटेल को सलाह देते हुए कहा कि आरबीआई बोर्ड को राहुल द्रविड़ की तरह काम करना होगा। नवजोत सिंह सिद्धू की तरह भूमिका अदा करने से बचना चाहिए जो अपने बड़बोले बयानों के बारे में जाने जाते हैं।

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वहीं एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान उनका कहना हैं कि विलफुल डिफॉल्टर्स के नामों को सार्वजनिक किया जाना और धोखाधड़ी का मामला आवश्यक रूप से विलफुल डिफॉल्टर से नहीं जुड़ा है। विलफुल डिफॉल्टर कर्ज को अदा नहीं करना चाहता है लेकिन वो पैसे लेकर भागा नहीं है। सच तो ये है कि बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के साथ कड़ाई से पेश आने की आवश्यकता है।

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वहीं इस बात से भी अवगत कराया कि हालिया घटनाक्रम से चिंतित हैं। आरबीआई बोर्ड में बुद्धिमान लोग है जो मतभिन्नता को दूर करने की कोशिश करते हैं, वो लोग विभिन्न मतों के बीच फासले को नहीं बढ़ाते हैं। आरबीआई के बोर्ड में देश के बेहतरीन लोग हैं ऐसे में वो उम्मीद करते हैं कि अगर विचारों में किसी तरह की भेद है तो वो मिलजुल कर खत्म होगा। वो सोचते हैं कि सेंट्रल बैंक और केंद्र सरकार में किसी विषय पर टकराव नहीं होना चाहिए।

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बता दें कि केंद्रीय सूचना आयोग सीआईसी ने जानबूझकर बैंक ऋण नहीं चुकाने वालों की सूची का खुलासा करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अनुपालना नहीं करने के लिए आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

सीआईसी ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कहा है कि वे फंसे हुए कर्ज पर आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का पत्र सार्वजनिक करें।