फेस्टिवल सीजन के दौरान सेल्स के कारण यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यूपीआई के जरिये भुगतान की जाने वाली वाली रकम में 25 पर्सेंट की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह इस साल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में 78.2 करोड़ से ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए हैं, जो इसके पिछले महीने सितंबर में हुए 40.5 करोड़ ट्रांजैक्शन से 19 पर्सेंट ज्यादा है।सितंबर में यूपीआई के जरिए 59853 करोड़ रुपये का सेटलमेंट हुआ था। अक्टूबर के लिए आंकड़ा लगभग 74978 करोड़ रुपये रहा।
आपको बता दें कि इंडस्ट्री के जानकारों ने ईटी को बताया कि ट्रांजैक्शन में हुई इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह दुर्गापूजा के दौरान अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ईकॉमर्स वेबसाइटों की फ्लैगशिप सेल्स रहीं। पेमेंट्स कंपनियों को उम्मीद है कि दिवाली सेल्स के चलते ट्रांजैक्शन का आंकड़ा और बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वहीं डिजिटल वॉलेट सर्विस के साथ पेमेंट बैंक के रूप में भी काम करने वाली पेटीएम के प्लेटफॉर्म से सबसे ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए। जानकारी दे कि कंपनी ने एक प्रेस नोट में बताया कि अक्टूबर में उसके प्लेटफॉर्म से 18 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए।
हालांकि पेटीएम के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दीपक एबॉट का कहना हैं कि यह देखना काफी सुखद है कि मोबाइल रिचार्ज, बिजली का बिल, पानी का बिल, मेट्रो रिचार्ज और यहां तक कि ऑफलाइन स्टोर्स पर पेमेंट के लिए बड़े पैमाने पर पेटीएम, भीम और यूपीआई को अपनाया जा रहा है।
एक सीनियर बैंकर ने कहा कि यूपीआई को अपनाने का दायरा बढ़ने का यह शुरुआती ट्रेंड है, लेकिन ट्रांजैक्शन के जरिए भुगतान वाली रकम में बढ़ोतरी यह बताती है मर्चेंट ट्रांजैक्शन में धीरे-धीरे तेजी आ रही है। ईटी ने इससे पहले रिपोर्ट छापी थी कि फेस्टिव सीजन सेल्स के दौरान डिजिटल पेमेंट कंपनियों के ट्रांजैक्शन में तीन गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अमेजन पे में इमर्जिंग पेमेंट्स के हेड विकास बहल की माने तो अगर कुल ट्रांजैक्शन की तुलना की जाए तो अमेजन ने डिजिटल पेमेंट्स में पिछले साल के मुकाबले तीन गुना उछाल दर्ज की है।
वहीं इसके अलावा एनपीसीआई डेटा के मुताबिक अक्टूबर में आईएमपीएस ट्रांजैक्शन के जरिये भेजी गयी रकम 12 प्रतिशत बढ़कर 1.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंज गयी है। जो सितंबर में 1.25 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं आईएमपीएस ट्रांजैक्शन 14 प्रतिशत बढ़कर 15.46 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। जो सितंबर में 13.57 करोड़ रुपये था।
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन एनईटीसी पेमेंट्स में भी अक्टूबर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं फास्टटैग के नाम से जाने जाने वाले टैग्स की संख्या भी अक्टूबर में बढ़कर 2.4 लाख पहुंच गई, जो सितंबर में 2.2 लाख थी। इससे होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 2.2 करोड़ हो गई, जो इसके पिछले महीने में 2 करोड़ थी।
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