टेलिकॉम ड‍िपार्टमेंट ने कर्ज के बोझ से दबी र‍िलायंस कम्‍यून‍िकेशन को तगड़ा झटका द‍िया है। डॉट जल्‍द ही टेल‍िकॉम ट्रिब्‍यूनल टीडीएसएटी के उस आदेश को चुनौती देगाद्य ज‍िसके माध्‍यम से ब‍िना बैंक गारंटी उपलब्‍ध कराये आरकॉम को अपने स्‍पेक्‍ट्रम रिलायंस ज‍ियो को बेचने की मंजूरी दी गयी थी।

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लाइसेंस क शर्तों पर बार्टर सिस्‍टम नहीं

डॉट के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना हैं कि लाइसेंस की शर्तों में किसी बार्टर सिस्टम को अपने की व्यवस्था शामिल नहीं थी। डॉट, टीडीसैट के उस आदेश को चुनौती देगा, जिसमें आरकॉम को कोई सिक्योरिटी उपलब्ध कराए बिना स्पेक्ट्रम बेचने की अनुमति दे दी गई थी।

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टेलिकॉम डिसप्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीली ट्रिब्यूनल ने अपने 11 अक्टूबर, 2018 के आदेश में डॉट की आरकॉम को रिलायंस जियो को स्पेक्ट्रम बेचने से पहले लगभग 2,900 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी मांगने से संबंधित याचिका को खारिज कर दिया था।

25000 करोड़ का है सौदा

आरकॉम ने अनुमानित तौर पर 25 हजार करोड़ रुपए में स्पेक्ट्रम और अन्य एसेट बेचने व लगभग 46 हजार करोड़ रुपए के आंशिक कर्ज को चुकाने के लिए मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के साथ एक समझौता किया था। हालांकि, स्पेक्ट्रम सेल की डील की मंजूरी फिलहाल डॉट के पास अटकी हुई है। आरकॉम ने अपनी 3,000 करोड़ रुपए की फाइबर एसेट्स और संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स रिलायंस जियो को बेचने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।