इस बार भारती एयरटेल का सितंबर तिमाही में मुनाफा घटकर निचले स्‍तर पर आ गया है। सितंबर तिमाही में कंपनी ने कंसॉलिडेटेड लेवल पर मुनाफा कमाकर मार्केट एनालिस्‍टों को चौंका दिया है। इससे कंपनी को वनटाइम एक्‍सेप्‍शनल गेन से मदद मिली, लेकिन भारत में उसका घाटा बढ़ गया। रिलायंस जियो के साथ प्राइस वॉर के चलते कंपनी ने पिछली तिमाही में ग्राहक भी गंवाए और उुंची लागत से भी उसकी परेशानी बढ़ी।

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बता दें कि देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल को 119 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट प्राप्‍त हुआ, जो साल भर पहले की इसी तिमाही से 65.4 प्रतिशत कम और अप्रैल-जून तिमाही के 97.3 करोड़ से ज्‍यादा है। जून तिमाही में भी कंपनी को वनटाइम गेन हुआ था। एक्‍सपर्ट ने सितंबर तिमाही में एयरटेल को 885 करोड़ का घाटा होने का अनुमान लगाया था।

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कंपनी को सितंबर तिमाही में 1,013.7 करोड़ का एक्‍सेप्‍शनल गेन हुआ था। इसे हटाने पर कंपनी 965 करोड़ के घाटे में है। भारत में कंपनी का घाटा बढ़कर 1,646 करोड़ हो गया, जून तिमाही में 940.4 करोड़ था। तो वहीं पिछले साल की इसी तिमाही में भारतीय बिजनेस से कंपनी को 649.4 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

जून तिमाही की तुलना में एयरटेल के कंसॉलिडेटेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 7.22 प्रतिशत की कमी आयी। कंपनी पर कुल कर्ज 1.13 लाख करोड़ हो गया, जो साल भर पहले ही इसी तिमाही में 91,500 करोड़ था। कंपनी के शेयर बीएसई पर 6.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ गुरुवार को 295.85 रुपए पर रहे।