आपको यह जानकर खुशी होगी क‍ि अब आप एयरटेल और पेटीएम की तरह र‍िलायंस ज‍ियो से भी पेमेंट बैंक‍िंग का लाभ उठा सकेंगे। जी हां भारत ही नहीं बल्‍कि एशिया के सबसे अमीर शख्‍स और सफल ब‍िजनेसमैन मुकेश अंबानी जल्‍द ही ज‍ियो पेमेंट बैंक क‍ी शुरुआत करने जा र‍हे है।

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र‍िलायंस इंडस्‍ट्रीज ने इसके नेटवर्क और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर टेस्‍ट‍िंग के ल‍िए बीटा ट्रायल्‍स की शुरुआत कर दी है। बता दें कि इस टेस्‍टिंग के सफल होने के बाद आरआईएल अधिकारिक तौर पर अपने पेमेंट सेवा को लांच करेंगी।

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बीटा टेस्‍टिंग में अच्‍छी शुरुआत

बता दें कि अभी कुछ द‍िनों पहले ही र‍िलायंस इंडस्‍ट्रीज ने चालू व‍ित्त वर्ष की दूसरी त‍िमाही के नतीजे जारी क‍िया था। र‍िलायंस ज‍ियो के स्‍ट्रैटेजी एंड प्‍लान‍िंग हेड अंशुमान ठाकुर ने मीड‍िया से कहा कि कंपनी ने ज‍ियो पेमेंट बैंकिंग सेवा की बीटा टेस्‍ट‍िंग शुरू कर द‍िया है। वहीं शुरुआती दौर में मर्चेंट्स की तरफ से हमें र‍िस्‍पांस म‍िल रहा है।

 

जियो पेमेंट बैंक

जियो पेमेंट बैंक लाइसेंस प्राप्त कुल आठ इकाइयों में से एक है और एयरटेल, पेटीएम, इंडिया पोस्ट और फिनो पेमेंट्स बैंक के बाद पांचवां एक्टिव पेमेंट्स बैंक होगा। र‍िलायंस और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया  एसबीआई ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक, पेटीएम पेमेंट्स बैंक जैसे मझे खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए 70:30 जॉइंट वेंचर बनाकर अप्रैल 2018 में जगह बनाई।

वहीं भारत की दूसरी सबसे बड़ी सेलुलर सेवा प्रदाता भारती एयरटेल नवंबर 2016 में देश में भुगतान बैंक शुरू करने वाली पहली इकाई थी। दूसरी ओर, जबकि पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने मई 2017 में परिचालन शुरू किया और फिनी पेमेंट्स बैंक पिछले साल जून में लॉन्च किया गया था। एक बार कमर्शियली लॉन्च होने के बाद, जियो पेमेंट्स बैंक देश में भुगतान बैंक में जगह बना सकता है।

 

 

क्या हैं पेमेंट बैंक ?

पेमेंट्स बैंक के मॉडल को 2013-14 में भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई ने देश में फाइनेंशियल के प्रवेश को तेज करने और फाइनेंशियल कवरेज के तहत अधिक भारतीयों को जोड़ने की कल्पना की थी। आरबीआई ने इसे भारतीय बैंकिंग सेक्टर में भारी बदलाव कहा।

जबकि पारंपरिक बैंकों और पेमेंट्स बैंकों के बीच महत्वपूर्ण अंतर यह है कि पेमेंट्स बैंक सिर्फ भुगतान और रिसीव जैसी सेवाएं प्रदान कर सकता है। और तो कर्ज जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की पेशकश नहीं कर सकता है।

पेमेंट्स बैंक 1 लाख रुपये तक डिपाजिट स्वीकार कर सकते हैं और मोबाइल पेमेंट्स, रिसीविंग, ट्रांसफर या खरीद और अन्य बैंकिंग सेवाओं जैसे एटीएम या डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और थर्ड पार्टी फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।

 

रिलायंस जियो / जियो पेमेंट बैंक

सूत्रों के जर‍िये इस बात की जानकारी म‍िली हैं कि, रिलायंस मौजूदा वक्त में अपने कर्मचारियों के बीच अपनी पेमेंट्स बैंक सेवाओं की टेस्टिंग करने की प्रक्रिया में है। आरआईएल अपने जियो मनी प्रीपेड मोबाइल वॉलेट के ग्राहकों को जियो पेमेंट्स बैंक में भी ले जा रहा है। कंपनी सेवाओं की सुविधा और जनता तक पहुंचने के लिए रिलायंस जियो के बड़े नेटवर्क का इस्तेमाल करना चाहती है।

रिलायंस जियो ने 3 करोड़ 70 लाख नए ग्राहकों को जोड़ा

हालांकि पहले रिलायंस जियो ने अपने कर्मचारियों के लिए 2015 में 4G सेवाओं के बीटा लॉन्च के साथ इसी तरह की शुरुआत की थी। प्रक्रिया के तहत, कर्मचारियों को नेटवर्क में शामिल होने के लिए दूसरों को आमंत्रित करने की अनुमति थी। लगभग दो सालों की अवधि के अंदर, रिलायंस जियो मुकेश अंबानी के लिए बड़ी सफलता साबित हुई है क्योंकि इसने देश में टेलिकॉम सेक्टर में भारी बदलाव किए हैं।

वहीं चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में, रिलायंस जियो ने 3 करोड़ 70 लाख नए ग्राहकों को जोड़ा, जिससे बाद कुल यूजरबेस 25.23 करोड़ हो गया है। मीडिया रिपोर्टों ने कई एक्सपर्ट्स का हवाला देते हुए सुझाव दिया है कि यदि मौजूदा विकास गति जारी रहे तो जियो 2018 के अंत तक सबसे बड़ा टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर बन सकता है।