दिवाली पर तोहफा देने के लिए सरकार खास इंतजाम कर रही है। जी हां जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) पर अक्‍टूबर-दिसंबर की चालू तिमाही के लिए ब्‍याज 0.4 प्रतिशत बढ़ा कर 8 प्रतिशत वार्षिक कर दिया गया है। बता दें कि यह लोक भविष्‍य निधि योजना में जमा धन पर देय ब्‍याज के ही बराबर है। जुलाई-सितंबर तिमाही में जीपीएफ पर ब्‍याज 7.6 प्रतिशत वार्षिक था। वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक विभाग की एक अधिसूचना में कहा गया है कि वर्ष 2018-19 के दौरान 1 अक्‍टूबर 2018 से 31 दिसंबर 2018 की अवधि में जीपीएफ एवं ऐसे अन्‍य भविष्‍य निधि कोषों के अंशधारकों के खातों में जुटे धन पर ब्‍याज प्रतिशत की दर पर मिलेगा।

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पिछले महीने NSC और PPF पर भी बढ़ी थी ब्‍याज

आपको बता दें कि पिछले महीने सरकार ने NSC और PPF पर भी ब्‍याज 0.4 प्रतिशत बढ़ा दिया था। बैंकों की जमा योजनाओं में ब्‍याज दरों में बढ़ोत्‍तरी को देखते हुए सरकार ने अपनी योजनाओं में भी ब्‍याज बढ़ाने के निर्णय किए हैं। तो वहीं पिछले महीने सरकार ने घोषणा की थी कि अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए एनएससी और पीपीएफ सहित छोटी बचत पर ब्‍याज दर 0.4 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।

जीपीएफ के बारे में

यदि आप जीपीएफ के बारे में नहीं जानते हैं तो बता दें कि GPF अकाउंट एक प्रकार का प्रोविडेंट फंड है। फिलहाल इसमें केवल सरकारी कर्मचारी ही पैसे जमा कर सकते हैं। यानी यह प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए नहीं है। अच्‍छी बात यह है कि इसमें जमा पैसा रिटायरमेंट के वक्‍त सरकारी कर्मचारी को मिल जाता है। तो वहीं यदि कर्मचारी चाहे तो बीच में भी इस पैसे को जरुरत के समय निकाल सकता है।

ऐसे मिलता है जीपीएफ का फायदा

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को अपनी सैलरी का एक हिस्‍सा जीपीएफ खाते में जमा करना होता है। अगर कर्मचारी को लोन की जरुरत होती है तो इस खाते से लोन लिया जा सकता है। इस लोन पर कोई ब्‍याज नहीं लगता है। कर्मचारी जितनी बार चाहे, इस अकाउंट से लोन ले सकता है।

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