आधार कार्ड को अपडेट कराने या फिर किसी गलती को सुधार ने के ल‍िए लोगों को काफी परेशान‍ियों और द‍िक्‍कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन खुशी की बात यह हैं कि अब इसके ल‍िए आपको इधर-उधर भटकने कि जरुरत नहीं पड़ेगी।

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जी हां यूनीक आईडेंट‍िफ‍िकेशन अथॉर‍िटी ऑफ इंड‍िया यूआईडीएआई पासपोर्ट ऑफ‍िस की तर्ज पर आधार सेवा केंद्र खोलने जा रही है। बता दें कि पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर‍ह ही आधार सेवा केंद्र के ल‍िए पहले से अप्‍वाइंटमेंट ल‍िया जा सकेगा। और तो डॉक्‍यूमेंट वेर‍िफेकेशन के बाद आधार बनवाने से लेकर अपडेट कराने की प्रक्रिया पूरी कराई जा सकेगी।

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2019 अप्रैल से शुरू होगा

यूआईडीएआई द्वारा 53 शहरों में इस तरह के आधार सेवा केंद्र खोलने की योजना है। इसमें से हर मेट्रो सिटी में चार और बाकी शहरों में दो-दो आधार सेवा केंद्र बनाए जाएंगे। इन आधार सेवा केंद्रों के अप्रैल, 2019 तक चालू होने की संभावना जताई गई है। इनके निर्माण पर 300 से 400 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है।

करीब 4 लाख लोग अपडेट कराते

हालांकि अभी देशभर में करीब 30 हजार आधार केंद्र है। जो पोस्ट ऑफिस, बैंक और सरकारी सहायता से चलाए जा रहे हैं। लेकिन अब यूआईडीएआई अपने खुद के आधार केंद्र बनाएगा। एक अनुमान के मुताबिक रोजाना करीब 4 लाख लोग अपने आधार कार्ड और उससे जुड़ी डिटेल जैसे- आधार फोटो, मोबाइल नंबर को अपडेट कराते हैं।

आईटीआर और पैन नंबर के ल‍िए आधार की अन‍िवार्यता बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आधार मामले में फैसला दिया था। इसमें इनकम टैक्‍स रिटर्न और पैन नंबर के लिए आधार की अनिवार्यता को बरकरार रखा गया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि आधार कार्ड एक्ट में ऐसा कुछ नहीं है, जो राइट टू प्राइवेसी का उल्लंघन हो। हालांकि कोर्ट ने आधार एक्ट 2016 के सेक्शन 57 को हटा दिया है। इसके तहत प्राइवेट कंपनियों जैसे टेलीकॉम और दूसरी कंपनियों को बॉयोमैट्रिक डेटा लेने की छूट मिलती थी।

आधार के मामले में यूआईडीएआई की ओर से स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा हैं कि सर्विस प्रोवाइडर ऑफ लाइन वेर‍िफ‍िकेशन टूल जैसे ई-आधार और क्‍यूआर कोड का प्रयोग कर सकते है। इसके ल‍िए बॉयोमेट्र‍िक डेटा की जरूरत नहीं होगी।