सरकार ने आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने और वित्तीय वर्ष 2017-18 (एवाई 2018-19) के लिए लेखापरीक्षा रिपोर्ट दाखिल करने के लिए तारीख को बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के एक पखवाड़े के भीतर यह दूसरा मौका है, जब आयकर रिटर्न भरने की समयसीमा बढ़ायी गई है।
जिनके खातों का ऑडिट जरुरी होता हे, ऐसे करदाताओं के लिए रिटर्न भरने की समयसीमा को 30 सितंबर से बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दिया था। अब इस समयसीमा को एक पखवाड़ा और बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया है।
CBDT ने अपने एक बयान में कहा है कि विभिन्न पक्षों से मिले पत्रों पर विचार करते हुए सीबीडीटी ने आयकर रिटर्न के साथ ऑडिट रिर्पोट जमा करने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2018 कर दी है। समयसीमा में यह बढ़ोत्तरी बताई गई श्रेणी के करदाताओं के लिए की गई है।
बोर्ड के अनुसार जो करदाता आयकर रिटर्न बढ़ी हुई समयसीमा के अंदर दाखिल करते हैं उन पर आयकर कानून 1961 की धारा 234 ए के प्रावधानों के तहत ब्याज देनदारी बनेगी।
टैक्स ऑडिट व्यापार या पेशे के साथ करदाताओं के खातों की समीक्षा है, आयकर बिंदु, जैसे कि आय, कटौती, कर कानूनों के अनुपालन आदि। कारोबार में 1 करोड़ रुपये से अधिक के साथ करदाता (अनुमानित कराधान योजना का चयन नहीं किया जाता है) या जिनकी कुल व्यावसायिक आय 50 लाख रुपये से अधिक है, कर लेखा परीक्षा करने की आवश्यकता है। टैक्स ऑडिट रिपोर्ट को करदाता के मामले में अगले वित्तीय वर्ष के 30 सितंबर को या उससे पहले दायर किया जाना चाहिए, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन में प्रवेश नहीं किया है।
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