त्योहारी सीजन आने वाला है और यदि आप इंपोर्टेड फ्रिज, वॉशिंग मशीन, ज्वेजरी या फिर किचेन का सामान खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। जी हां सरकार ने बुधवार को जेट ईंधन, एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर सहित कुल 19 वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया हैं। यह वृद्धि मध्यरात्रि से प्रभावी होगी, गैर आवश्यक वस्तुओं का निर्यात घटाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
बेसिक कस्टम ड्यूटी में 2.5 से 10 फीसदी तक का इजाफा कर दिया गया है। इतना ही नहीं वित्त मंत्रालय द्वारा इस बात की भी जानकारी दी गयी कि देश में इन आइटम का सालाना लगभग 86 हजार करोड़ रुपये आयात होता है। सरकार ने बढ़ते करंट अकाउंट डेफिसिट की समस्या से पार पाने के लिये यह कदम उठाया है। इससे देश में बिकने वाले ये सामान महंगे हो जायेंगे। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक नई दरें 27 सितंबर से लागू होंगी।
- वाशिंग मशीनों के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी गई।
- रेफ्रिजरेटर्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी भी 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी गई।
- सरकार ने एयर कंडीशनर्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी।
- इसके अलावा एसी /फ्रिज के कंप्रेसर्स पर इंपोर्ट ड्यूटी में 10 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर दी गई।
- प्लास्टिक टेबिलवेयर/किचनवेयर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई।
- ट्रैवल बैग, सूटकेस पर कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई।
- स्पीकर्स पर कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई।
- सरकार ने फुटवियर पर ड्यूटी 20 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दी है।
- रेडियल कार टायर्स पर कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी।
- इसके अलावा सरकार ने एविएशन टरबाइन फ्यूल पर 5 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगा दी है।
- सोने और चांदी से बनी इंपोर्टेड ज्वैलरी पर कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी हो गई।
- कट, पॉलिश्ड डायमंड्स पर कस्टम ड्यूटी 5 फीसदी से बढ़ाकर 7.5 फीसदी कर दी गई।
- सेमी प्रोसेस्ड डायमंड्स पर कस्टम ड्यूटी 5 फीसदी से बढ़ाकर 7.50 फीसदी कर दी गई
- आर्टीफिशियल (लैब ग्रोन) डायमंड्स पर कस्टम ड्यूटी 5 फीसदी से बढ़ाकर 7.50 फीसदी कर दी गई।
- कट, पॉलिश्ड कलर्ड जेमस्टोन्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 7.50 फीसदी कर दी गई।
- प्रिसीयस मेटल ज्वैलरी पर कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई।
सरकार ने जेट ईंधन या एटीएफ पर ड्यूटी बढ़ाकर पांच प्रतिशत कर दी है। अभी तक इस पर कोई ड्यूटी नहीं लगती थी। इस कदम से हवाई यात्रा के लिए ईंधन की लागत बढ़ेगी, जिसका असर किरायों में बढ़ोतरी के रूप में दिख सकता है।
यात्रा डॉट कॉम के सीओओ शरत ढल ने कहा कि एटीएफ पर पांच प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगाने का इस क्षेत्र पर नकारात्मक असर होगा, क्योंकि इनपुट लागत बढ़ने पर किराए में बढ़ोतरी होनी लाजिमी है। हालांकि अब पीक सीजन शुरू हो रहा है और हमें उम्मीद है कि किराए और यात्रियों की संख्या, दोनों में तेजी देखने को मिलेगी।
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