रुपये की कमजोरी थमने का नाम ही नहीं ले रही है। अमेरिकी डॉलर का भाव एक बार फिर से 73 के पास पहुंच गया है। बता दें कि मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे की भारी गिरावट के साथ 72.89 के स्तर पर खुला है। जबकि सोमवार को कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया आज 43 पैसे टूटकर 72.63 पर बंद हुआ था। अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अहम बैठक मंगलवार और बुधवार को होनी है। इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर 9 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
इसलिए गिर रहा है रुपया
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल का भाव 4 साल की ऊंचाई पर पहुंच गया है। ओपेक के उत्पादन नहीं बढ़ाने के फैसले से क्रूड में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल को पार गया है।जिससे रुपए पर दबाव बढ़ा है।
वहीं, चीन द्वारा अमेरिका से ट्रेड पर बातचीत रद्द किए जाने का भी असर हुआ है। इसके अलावा बुधवार को फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद भी से रुपया कमजोर हुआ है।
इस साल करीब 14 फीसदी तक कमजोरी आई है। क्रूड की कीमतें बढ़ने, ट्रेड वार, कैड बढ़ने की आशंका, डॉलर में मजबूती, घरेलू स्तर पर निर्यात घटने और राजनीतिक अस्थिरता जैसे फैक्टर्स की वजह से रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है।
More Articles
- Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित