पेट्रोल -डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है। मंगलवार को भी दामों में बढ़ोतरी देखी गयी है। पेट्रोल की कीमतों में 14 पैसे तो डीजल के दामों में 10 पैसे की वृद्धि हुई। सोमवार को ही मुंबई में पेट्रोल की कीमत 90 के पार हो गई थी। सोमवार से पहले कुछ दिन डीजल की कीमतें स्थिर थीं लेकिन दो दिन से इसकी कीमत में भी इजाफा हो रहा है।

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पेट्रोल की कीमत 14 पैसे की बढ़ोतरी

मंगलवार को दिल्‍ली में पेट्रोल की कीमत 14 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 82.86 रुपये हो गई जो कि सोमवार को 82.72 रुपये प्रत‍ि लीटर थी। जबकि मुबंई में 90.22 रुपये, कोलकता में 84.68 रुपये और चेन्‍नई में पेट्रोल की कीमत 86.13 रुपये प्रति लीटर हो गयी है। वहीं डीजल की कीमत द‍िल्‍ली में 10 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 74.12 रुपये, मुबंई में 78.69 रुपये, कोलकाता में 75.97 रुपये और चैन्‍नई में 78.36 रुपये प्रत‍ि लीटर हो गयी है। अपने शहर के पेट्रोल की कीमत जानने के ल‍िये यहां क्‍ल‍िक करें

 

कंपनियां तेल भंडारण घटाएंगी

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रुपये में लगातार आ रही गिरावट को थामने के लिए कंपनियां देश में तेल भंडारण को घटाने की तैयारी में हैं। सरकारी कंपनियों ने सोमवार को अग्रिम भंडार के लिए कच्चे तेल की खरीद कम करने की मंशा जताई है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा  कि सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरी कंपनियां इस तरीके से कच्चे तेल की अपनी इन्वेंट्री (भंडार) को संतुलित करने की संभावनाएं देख रहीं हैं, ताकि उन्हें अग्रिम में तेल कम खरीदना पड़े और घरेलू बाजार में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित न हो। अमूमन रिफाइनरी कंपनियां टैंकों में एक सप्ताह का तेल भंडार रखती हैं। इसके अलावा वे पाइपलाइन और मार्ग में जहाजों में भी इसका भंडार रखती हैं। उन्होंने बताया कि रिफाइनरी कंपनियां इस भंडार को घटाने पर विचार कर रही हैं, ताकि कच्चे तेल का आयात घटाया जा सके। अपने शहर के डीजल के भाव से रूबरू होने के ल‍िए यहां क्‍ल‍िक करें

 

सऊदी और रूस के बयान से

ओपेक के सबसे बड़े उत्पादक सऊदी अरब और रूस ने बयान जारी कर कहा है कि वह क्रूड का उत्पादन नहीं बढ़ाएंगे। वहीं रूस ने कहा है कि बाजार में अतिरिक्त कच्चे तेल की जरूरत नहीं है।ओपीईसी देशों ने कहा कि प्रतिबंध से प्रभावित ईरान से आपूर्ति में होने वाली किसी भी कमी को पूरा करने के लिए वह उत्पादन नहीं बढ़ाएंगे।

इसके बाद क्रूड के दाम में 2 डॉलर प्रति बैरल का इजाफा देखने को मिला और यह 81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ओपेक के इस फैसले से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ने की आशंकाएं पैदा हो गई हैं।