चालू खरीफ सीजन में दालों की बुआई में कमी आयी है। कृषि मंत्रालय की ओर से जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार 14 सितंबर तक देशभर में करीब 137.41 लाख हेक्टेयर रकबे में दालों की बुवाई की गई है। पिछले साल इसी समय तक दालों का बुवाई रकबा 138.60 लाख हेक्टेयर के आसपास था।
फिलहाल तिलहन के क्षेत्र में खुशखबरी है। देश में तिलहन बुवाई का रकबा अब तक 177.99 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 171.98 लाख हेक्टेयर था। राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार सहित अन्य जगहों पर बुवाई का रकवा बढ़ा है।
खरु मौसम की प्रमुख फसल धान बुवाई का रकबा खरीफ सत्र 2018-19 में अब तक 2.27 प्रतिशत बढ़कर 38334 लाख हेक्टेयर हो गया है। कृषि मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडू जैसे राज्यों में धान बुवाई का रकबा बढ़ने से यह वृद्धि हुई है। पिछले साल की इसी अवधि में धान बुवाई का क्षेत्रफल 374.81 लाख हेक्टेयर रहा था।
खरीफ बुवाई जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून आरंभ होने के साथ शुरू होती है और कटाई अक्टूबर में होती है। बुवाई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, पंजाब और हरियाणा एवं अन्य जगहों पर धान की खेती का रकबा बढ़ा है।
तो वहीं चालू सत्र में अभी तक मोटे अनाज की बुवाई पहले के 183.23 लाख हेक्टेयर के मुकाबले कम यानी 175.46 लाख हेक्टेयर में हो गई है। नकदी फसलों में चालू सत्र में अभी तक 120.56 लाख हेक्टेयर में कपास बोया गया था, जो पिछले साल की समान अवधि के 120.98 लाख हेक्टेयर से थोड़ा कम है।
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