सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 45 पैसे की गिरावट के साथ खुला है। इस गिरावट के चलते यह 72.50 के स्तर पर खुला है। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लग रही आग के बीच रुपये ने भी मुसीबत बढ़ाई है। रुपया, डॉलर के मुकाबले लगातार गिरावट के नये रिकॉर्ड बना रहा है।
वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और इमर्जिंग इकोनॉमी के सामने खड़ी चुनौतियों का असर डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती पर दिख रहा है।
एक्सर्पट की माने तो उनका कहना है कि फिलहाल जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात नहीं सुधरते, तब तक रुपये की सेहत सुधरनी मुश्किल है।
अमेरिका और चीन के बीच एक बार फिर ट्रेड वॉर शुरू होने की आशंका ने भी रुपये को कमजोर करने का काम किया है। इसका परिणाम ये हो रहा है कि निवेशक लगातार भारत से अपना पैसा वापस निकाल रहे हैं।
हांलाकि रुपये में जारी गिरावट से इकोनॉमी के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। अगर रुपये में यूं ही गिरावट जारी रहती है, तो विदेशों से देश में आने वाला सामान महंगा हो सकता है।
इलेक्ट्रोनिक उत्पाद बनाने वाली कई कंपनियां पहले ही कह चुकी हैं कि रुपये में यूं ही गिरावट जारी रहती है, तो उनके कई उत्पादों का दाम बढ़ाना पड़ सकता है।
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