र‍िजर्व बैंक ऑफ इंड‍िया की ओर से 4 अक्‍टूबर को मॉन‍िटरी पॉलिसी का एलान करेगा। इस पॉलिसी में आरबीआई रेपो रेट भी बढ़ा सकता है। प‍िछले कुछ हफ्तों से रुपए में लगातार कमजोरी आ रही है। ईटी के मुताबिक इसको रोकने के ल‍िए र‍िजर्व बैंक दरों में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। अर्जेंटिना और इंडोनेशिया ने भी यह फॉर्मूला अपना चुके हैं।

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अक्‍टूबर और द‍िसंबर पॉल‍िसी में रेट 0.5 फीसदी बढ़ा सकता

हालांकि रुपए ने डॉलर के मुकाबले हाल में 72 का स्‍तर तोड़ द‍िया है। इसमें प‍िछले कई द‍िनों से लगातार गिरावट जारी है। इस कारण र‍िजर्व बैंक अक्‍टूबर और द‍िसंबर दोनों पॉल‍िसी में म‍िलाकर रेट 0.5 फीसदी बढ़ा सकता है। वहीं अगर रजर्व बैंक रेट में बढ़ोतरी करता है तो होम लोन, ऑटो लोन महंगा हो सकता है।
दरअसल र‍िजर्व बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी करेगा। ये वो ब्‍याज दर होती है जिस पर बैंक र‍िजर्व बैंक से पैसा लेते हैं। बता दें कि इसमें बढ़ोतरी होने पर बैंकों को र‍िजर्व बैंक से ज्‍यादा ब्‍याज दर पर पैसा मिलेगा। इस कारण बैंक ग्राहकों के ल‍िए भी ब्‍याज की दर बढ़ा देंगे।

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रुपया की बड़ी गिरावट ने ब्याद दरों में बढ़ोतरी

फेडरल बैंक के सीएफओ आशुतोष खजुरिया के मुताबिक एक साल की मैच्युरिटी पर अभी 7.30 फीसदी ब्याज दर है। ये 3 साल में सबसे ऊंचाई पर है। इससे लोगों को संकेत मिल रहा है कि रिजर्व बैंक दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। आईडीएफसी एमएफ के सुयश चौधरी के मुताबिक रुपया की बड़ी गिरावट ने ब्याद दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जगा दी है।
जबकि आरबीआई के इकोनॉमिस्‍ट सौम्‍यकांति घोष के मुताबिक अगर रुपया इसी तरह ग‍िरता रहा तो र‍िजर्व बैंक के पास दरों में बढ़ोतरी के अलावा कोई व‍िकल्‍प नहीं रह जाएगा। इस साल र‍िजर्व बैंक पहले ही 2 बार दरों में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है।