गरुवार को केंद्रीय मंत्री न‍ितिन गडकरी ने कहा हैं कि सरकार ने इलेक्‍ट्रिक व्‍हीकल्‍स और अल्‍टरनेट‍िव फ्यूल्स से चलने वाले व्‍हीकल्‍स को परमिट लेने की जरुरत को छूट देने का फैसला किया है। बता दें कि सरकार ने देश में ऐसे व्‍हीकल्‍स को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से यह फैसला किया है।

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हर 3 क‍िलोमीटर पर चार्ज‍िंग स्‍टेशन लगाये जायेंगे

पावर सेक्रेटरी अजय कुमार भल्‍ला ने कहा हैं इलेक्‍ट्रिक व्हीकल्‍स से बढ़ावा देने के ल‍िए ज्‍यादा से ज्‍यादा संख्‍या में चार्ज‍िंग स्‍टेशन लगाए जायेंगे। इस बात की भी जानकारी दी हैं कि चुन‍िंदा शहरों और हाईवेज पर हर 3 क‍िलोमीटर पर चार्ज‍िंग स्‍टेशन लगाने की कोशिश होगी। बेहतर चार्ज‍िंग इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के दम पर ही इलेक्‍ट्र‍िक व्हीकल्‍स को लोकप्र‍िय बनाया जायेगा।

वाहनों को परम‍िट लेने की जरुरत से छूट देने का फैसला

गडकरी ने कहा कि इलेक्‍ट्र‍िक व्‍हीकल्‍स और इथेनॉल, बायोडीजल, जैसे अल्‍टरनेट‍िव फ्यूल से चलने वाले ऑटोर‍िक्‍शा, बस, टैक्‍सी सह‍ित सभी वाहनों को परम‍िट लेने की जरुरत से छूट देने का फैसला किया है।
हमने इन व्हीकल्स को परमिट फ्री करने का फैसला किया है। मौके पर उन्होंने कहा कि राजस्थान के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर युनुस खान की अगुआई वाले राज्यों के ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने इससे संबंधित सिफारिशें की थीं और राज्य भी इन्हें मानने के लिए राजी हैं।

इलेक्‍ट्रिक व्‍हीकल्‍स पर 12 फीसदी जीएसटी

गडकरी ने किसी तरह का फाइनेंशियल इंसेंटिव देने से इनकार किया और ऑटोमेकर्स से ईवी प्रोडक्शन के मौके को भुनाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। हालांकि सब्सिडी देने से इनकार करते हुए कहा गया हैं कि इलेक्‍ट्रिक व्‍हीकल्‍स पर 12 फीसदी जीएसटी लगा है। ऐसे में और सब्सिडी देने की जरूरत नहीं लगती है। हमें इन्हें बढ़ावा देने के लिए नई तरह से सोचने की जरूरत है। अगले 5 साल तक नॉन-फाइनेंशियल इंसेंटिव्स के माध्यम से इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए एक डिटेल्स रिपोर्ट तैयार की है।

7 सितंबर को लॉन्च होगा एफएएमई का दूसरा फेज

उनका यह बयान सरकार के फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स एफएएमई इंडिया स्कीम के माध्यम से इको-फ्रेंडली व्हीकल्स को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच आया है। एफएएमई इंडिया स्कीम का दूसरा फेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 7 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा। हालांकि आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, एफएएमई आईआई के माध्यम से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की व्यापक स्तर पर स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए 5500 करोड़ रुपए के इंसेंटिव की पेशकश की जाएगी।