गुरुवार को सोने में मजबूती देखने को मिली है। डॉलर में कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला है। इसके अलावा चीन से 200 अरब डॉलर के आयात पर अमेरिका के शुल्क लगाने की सीमा नजदीक आ चुकी है। इससे भी सोने को सपोर्ट मिला है। हालांकि घरेलू वायदा बाजार में सोना में शुरुआती कोराबार में करीब आधा फीसदी की मजबूती देखने को मिली।

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बता दें कि विदेशी हाजिर बाजार में सोना 0.3 फीसदी चढ़कर 1,199.21 डॉलर प्रति औंस रहा। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.3 फीसदी की मजबूती के साथ 1,204.90 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। वहीं घरेलू बाजार में एमसीएक्स में सोना का अक्टूबर वायदा भाव दिन में करीब 11 बजे 0.41 फीसदी यानी 123 रुपये की मजबूती के साथ 30,438 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। इसमें कोरोबारी वॉल्यूम 1258 लॉट था।

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दूसरी तरफ एमसीएक्स पर चांदी का दिसंबर वायदा भाव 0.18 फीसदी की मजबूती के साथ 37,103 रुपये प्रति किलोग्राम पर था। इसमें कारोबारी वॉल्यूम 999 लाट था। सोने और चांदी में पिछले कुछ हफ्तों में कमजोरी देखने को मिली है। इस‍की मुख्‍य वजह डॉलर में मजबूती का असर सोने पर दिख रहा है।

बुधवार को डॉलर में कमजोरी आई थी। इसकी वजह वह खबर थी, जिसमें कहा गया था कि यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के निकलने के सौदे पर जर्मनी ने रजामंदी जता दी है। इतना ही नहीं इस खबर में पौंड और यूरो में मजबूती देखने को मिली।
इस साल अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सोना करीब 8 फीसदी तक गिर गया है। हालांकि, उभरते बाजारों में मुद्रा संकट के बढ़ने पर सोने का आकर्षण फिर से बढ़ सकता है। सोने को सुरक्षित निवेश का सबसे अच्छा जरिया माना जाता है। रायटर्स के तकनीकी एक्सपर्ट वांग तावो के मुताबिक, अगले चार हफ्ते में सोना के 1,160 से 1,238 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रहने की उम्मीद है।