भारत में जल्द ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए वन नेशन वन कार्ड पॉलिसी लांच की जाएगी। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा हैं कि इस कार्ड का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट के अलग- अलग मोड में किया जा सकेगा।
लगभग 300 बिलियन डॉलर के अवसर पैदा होने वाले
कांत नीति आयोग और इंडस्ट्री बॉडी सीआईआई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फ्यूचर मोबिलिटी समिट 2018 को संबोधित के दौरान कहा कि मोबिलिटी मार्केट में कई तरह के चेंज आने की उम्मीद है। ऐसे में यह उम्मीद यह है कि बैटरी स्टोरेज स्पेस की वजह से मोबिलिटी मार्केट के सामने रुकावटें खड़ी हो सकती है। जिससे लगभग 300 बिलियन डॉलर के अवसर पैदा होने वाले हैं। स्टोरेज बैटरी इंडस्ट्री को मोबिलिटी इंडस्ट्री की फ्यूचर डिमांड को पूरा करने की तैयारी करनी होगी। रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री द्वारा इस्तेमाल में लाई जाने वाली बैटरी की भी काफी डिमांड होगी।
ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर इकोनॉमी के डेवलपमेंट की रीढ़ की हड्डी
मौके पर इस बात से भी अवगत कराया गया हैं कि ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर किसी भी इकोनॉमी के डेवलपमेंट की रीढ़ की हड्डी है। खासकर घनी आबादी वाले भारत जैसे देश के लिए ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का डेवलपमेंट बेहद जरूरी है। भारत की जीडीपी में रोड ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर की हिस्सेदारी 4 फीसदी है। जो कि लगभग पूरी तरह पेट्रोल-डीजल जैसे फोसिल फ्यूल पर निर्भर है। ऐसे समय में जब पूरे देश में एयर क्वालिटी खराब हो रही है और क्लाइमट चेंज के प्रति जागरूकता बढ़ी है। ऑयल इम्पोर्ट बिल लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में, मोबिलिटी के विकास को लेकर कंफ्यूजन बढ़ रहा है। इसलिए यह जरूरी हो गया है कि फ्यूल के वैकिल्पक स्त्रोतों की तलाश की जाए और उनका इस्तेमाल बढ़ाया ।
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