एसबीआई ने एमसीएलआर में बढ़ोतरी की है जो अब बढ़कर 8.1 प्रतिशत हो गया है। जी हां सार्वजनिक क्षेत्र के देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों को झटका दिया है। अब एसबीआई से होम लोन, ऑटो लोन और अन्य तरह के लोन लेना महंगा पड़ेगा। दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक ने अपने बेंचमार्क उधारी दर यानी एमसीएलआर में 0.20 प्रतिशत की शनिवार को बढ़ोतरी करने की घोषणा कर दी है। यह बढ़ोतरी तीन साल की अवधि के लिए है। यही कारण हैं कि अब एसबीआई का एमसीएलआर बढ़कर 8.1 प्रतिशत हो गया है।
बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, एमसीएलआर पूर्व में 7.9 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 8.1 प्रतिशत हो गया है। एक साल की अवधि के लिए एमसीएलआर 8.25 प्रतिशत से बढ़कर 8.45 प्रतिशत हो गया है। हालांकि अधिकांश खुदरा लोन का बेंचमार्क एक साल के एमसीएलआर से जुड़ा है। ये भी अवश्य पढ़ें।
बता दें कि बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से मौद्रिक समीक्षा में बढ़ाए गए रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के एक माह बाद अपने एमसीएलआर में यह बढ़ोतरी की है। वर्तमान में रेपो रेट 6.50 प्रतिशत है। बीते 6 जून 2018 से पहले रिजर्व बैंक ने 28 जनवरी 2014 को रेपो रेट में बढ़ोतरी की थी।
एमसीएलआर वो न्यूनतम दर होती है जिसके नीचे की दर पर कोई भी वाणिज्यिक कॉमर्शियल बैंक अपने ग्राहकों को कर्ज नहीं दे सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने साल 2016 के अप्रैल महीने में एमसीएलआर को सामने रखा था। जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक बैंकों को लिए एक निर्देश देना था ताकि वो अपनी लेंडिंग रेट्स का निर्धारण कर सकें।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान