शुक्रवार को बाजार खुलते ही रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 71 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट जारी है। हालांकि बाद में कुछ सुधार हुआ और कल के मुकाबले 17 पैसे की गिरावट के साथ यह 70.91 प्रति डॉलर हो गया।
महीने के अंत में बढ़ी डॉलर की मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर रुपये पर पड़ रहा है।हालांकि गुरुवार को रुपया 15 पैसे गिरकर 70.74 पर बंद हुआ था। जबकि 9.90 फीसदी की गिरावट के साथ रुपया एशिया में सबसे बुरा प्रदर्शन करने वाली करंसी है। अगस्त में रुपये में 3.30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
इकनॉमिक अफेयर्स के सेक्रटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने बुधवार को कहा था कि विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी के साथ डॉलर के मुकाबले रुपया 68-70 के बीच रह सकता है। इससे 2019 में रुपये में 10 फीसदी की गिरावट आई है और एशियाई मुद्राओं में यह सबसे बुरी स्थिति है। रुपये में गिरावट के चलते आयात, विदेश में शिक्षा और विदेश यात्रा महंगी हो गई है।
वहीं सबसे ज्यादा प्रभाव पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा है। भारत 80 फीसदी कच्चे तेल का आयात करता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ी है साथ ही रुपये में गिरावट की वजह से तेल कंपनियों को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 15 दिनों में राजधानी दिल्ली में डीजल और पेट्रोल की कीमत में 1 रुपये का इजाफा हुआ है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान