सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 15 पैसे की तेजी के साथ 69.76 पर खुला है। बता दें कि हफ्ते के पहले कारोबारी दिन डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती देखने को मिली। हालांकि शुक्रवार को भी रुपये में शानदार रिकवरी देखने को मिली थी। बीते सत्र में रुपया 20 पैसे की तेजी के साथ 69.91 पर बंद हुआ था।
दरअसल, आयातकों और कंपनियों की लगातार डॉलर की बिकवाली से रुपये में रिकवरी आई थी। रुपये में रिकवरी की सबसे बड़ी वजह यह है कि अमेरिकी डॉलर में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इससे रुपये को सपोर्ट मिला है।
विदेशी मुद्रा के दर इस प्रकार है
भारत का व्यापार घाटा 18 अरब अमेरिकी डॉलर के करीब पहुंच गया है। यह आंकड़ा पांच साल में सबसे ज्यादा है। इस वजह से देश के चालू खाते घाटे कोलेकर चिंता बढ़ी है।
जबकि अगर वैश्विक मोर्चे पर रुपये पर असर डालने वाले कारकों की बात करें तो सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। इसकी वजह यह माना जा रहा है कि अमेरिका-चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर से वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर घटेगी।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट इसलिए नहीं आई है, क्योंकि ईरान से सप्लाई घटने की खबरें हैं. इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों में तेजी है। वैसे अमेरिकी शेयर बाजार बीते शुक्रवार को तेजी के साथ बंद हुए थे।
अमेरिकी केन्द्रीय फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इस बात से अवगत करा दें कि उन्होंने कहा है कि धीरे-धीरे ब्याज दरें बढ़ाने से न सिर्फ अमेरिकी इकोनॉमी मजबूत होगी बल्कि नौकरियों के भी मौके बढ़ेंगे।
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