कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज (सीआईटीआई) के अध्यक्ष संजय जैन कहना हैं कि देश के कपड़ा उद्योग का बुरा दौर समाप्त हो गया है। खुशी की बात यह हैं कि अब सुधार के संकेत मिल रहे हैं। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में भारत का वस्त्र एवं परिधान निर्यात सात फीसदी सालाना दर से बढ़ सकता है।
इस बात से भी अवगत कराया कि बीते महीने जुलाई में देश का कपड़ा निर्यात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 11 फीसदी बढ़ा है। कपड़े के सभी मदों के नियार्त में वृद्धि दर्ज की गई। बता दें कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से उद्योग को सहारा मिला है। वहीं उन्होंने कहा कि सरकार ने वस्त्र और परिधान के विभिन्न मदों पर आयात कर बढ़ा कर घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन दिया है। इससे आने वाले दिनों में कपड़े का आयात घटेगा जिससे घरेलू उद्योग को मदद मिलेगी।
जैसा की भारत ने जुलाई में 6,284 करोड़ रुपये का कॉटन यार्न, फेब्रिक, मेडअप और हैंडलूम उत्पादों का निर्यात किया। जोकि पिछले साल के मुकाबले 23 फीसदी ज्यादा है।
वहीं टेक्सटाइल निर्यात 10879 करोड़ रुपये रहा। जोकि पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी अधिक है। कॉरपोरेट निर्यात 774 करोड़ रुपये का हुआ जोकि पिछले साल के मुकाबले 14 फीसदी ज्यादा है। अपेरल निर्यात में पिछले साल के मुकाबले इस साल जुलाई में छह फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
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