पिछले कुछ महीने से किडनी सर्जरी की वजह से कामकाज से दूर रहने के बाद आज अरुण जेटली ने वित्त मंत्री का कार्यभार दोबारा संभाल लिया है। उनकी अनुपस्थिति में मंत्रालय की जिम्मेदारी मंत्री पीयूष गोयल को सौंपा गया था। एक अधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री की सलाह पर भारत के राष्ट्रपति ने वित्त मंत्रालय और कंपनी मामलों का मंत्रालय अरुण जेटली को सौंपने का निर्देश दिया है।
आपको बता दें कि अरुण जेटली ऐसे वक्त में वापसी कर रहे हैं जब रुपए की हालत कुछ ज्यादा ही खराब चल रही है और सरकार इस संकट से निपटने के रास्ते तलाश रही है। तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश व्यापार नीति में सख्ती, ईरान पर पाबंदी जैसे मसलों से भी भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने कई चुनौतियों खड़ी हुई हैं।
वित्तमंत्री अरुण जेटली के लिए यह खुशखबरी है कि उनके दोबारा वित्त मंत्रालय का पदभार संभालने से पहले विदेशों में भारतीयों के जमा कालेधन में गिरावट की खबर आ गई है। बहरहाल, सर्जरी के बाद से ही जेटल सार्वजनिक जीवन से दूर रह रहे थे। इस दौरान पहली बार वह संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा के उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान सदन में नजर आए थे, जिसमें एनडीए उम्मीदवार हरिवंश की जीत हुई थी।
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