निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए मार्केट रेग्युलेटर सेबी निवेश को और आसान और किफायती बनाने के कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत सेबी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के साथ विभिन्न स्कीम के मौजूदा खर्च अनुपात-एक्सपेंस रेशियो-की समीक्षा करेगा। बता दें कि साथ ही कामकाज, रिस्क मैनेजमेंट, जांच-पड़ताल प्रक्रिया और डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था समेत अन्य चीजों में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की विभिन्न गतिविधियों में एकरूपता लाने के लिए उपाय किए जाएंगे।
टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिये जागरूकता बढ़ाकर तकनीक के जरिए म्यूचुअल फंड की पैठ बढ़ाने को लेकर भी संभावनाएं तलाशेगा।
जबकि सेबी ने 2017-18 की सालाना रिपोर्ट में कहा कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को अधिक आकर्षक करने के इरादे से कदम उठाए जाएंगे। इतना ही नहीं इसके तहत ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिये ग्रीन इनीशिएटिव को बढ़ावा देकर म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को कॉस्ट इफेक्टिव बनाने के उपाय किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न म्यूचुअल फंड स्कीम्स के लिये मौजूदा खर्च अनुपात की समीक्षा की जाएगी।
जून में सेबी ने घटाया था शुल्क
इससे पहले, जून में सेबी ने म्यूचुअल फंड की ओर से लिये जाने वाले अतिरिक्त शुल्क में कटौती की थी।इसे 0.20 फीसदी से घटाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया था। इस कदम का मकसद म्यूचुअल फंड मेंनिवेश की लागत को कम करना था।
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