बुधवार को उद्योग संगठन एसोचैम द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर वाणिज्‍य मंत्री सुरेश प्रभु का आना हुआ। इस दौरान उन्‍होंने कहा, भारत का निर्यात आगामी महीनों में बढ़ सकता है और चालू वित्त के आखिर तक इसके 350 अरब डॉलर होने की उम्‍मीद है। हम आपको बता दे कि यह कार्यक्रम दूसरा सेवा विशिष्टता अवार्ड प्रदान करने के लिए करवाया गया था। मौके पर मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सेवा का क्षेत्र अर्थव्यवस्था का प्रबल संचालक बनने जा रहा है, जिसका 2025 तक देश के सकल घरेलू उत्पाद में 3000 अरब डॉलर का योगदान होगा।

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वहीं उन्‍होंने इस बात से भी अवगत कराया कि वैश्विक संरक्षणवाद के बावजूद निर्यात की दर लगातार बेहतर रहेगी और चालू वित्त वर्ष में 350 अरब डॉलर का निर्यात होगा। सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के मकसद से वाणिज्य मंत्रालय ने इसके 12 प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। जिन्हें मंत्रिमंडल ने सहायता पहलों के तहत 5,000 करोड़ रुपये मुहैया करवाने को मंजूरी प्रदान की है।

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हम आपको इस बात की भी जानकारी दे क‍ि भारत सेवा क्षेत्र में अफ्रीका और लैटिन अमेरिका को निर्यात को बढ़ावा दे रहा है। आधिकारिक आकड़ों के अनुसार, इस साल जून में भारत का निर्यात पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 17.57 फीसदी बढ़कर 27.7 अरब डॉलर हो गया है। लेकिन उंची कीमतों पर कच्‍चे तेल का आयात होने से देश का व्‍यापार घाटा बढ़कर 16.60 अरब डॉलर हो गया।