डेयरी किसानों में अब राजस्व की एक और धारा है -गोमूत्र। मनी कंट्रोल की रिर्पोट के अनुसार किसान इसे जैविक खेती और धार्मिक अनुष्ठानों में बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं और अब थोक बाजार में यह 30 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है। इसकी तुलना में, गाय के एक लीटर दूध के लिए 22 रुपये और 25 रुपये के बीच किसानों को लोगों को मिलता है।
मनी कंट्रोल की रिर्पोट के अनुसार किसानों की आय में 30% तक की वृद्धि हुई है क्योंकि उन्होंने गोमूत्र बेचना शुरू कर दिया है। उत्पाद की उच्च मांग का मतलब है कि किसान उच्च नस्ल वाली गायों, जैसे कि गिर और थारपाकर के यूरिन को 15 रुपए से 30 रुपए लीटर बेच रहे हैं।
कीटनाशकों के विकल्प के रूप में ऑर्गेनिक खेती में गोमूत्र का उपयोग किया जाता है। साथ ही इसका उपयोग 'जनानु' समारोह के दौरान औषधीय उद्देश्यों और धार्मिक अनुष्ठानों जैसे 'यज्ञना' और 'अंकग्यम' के लिए भी किया जाता है।
हालांकि, लाभ एक लागत पर आ रहे हैं। किसानों को उच्च क्वालिटी का यूरिन एकत्रित करने के लिए रात भर जागना पड़ता है ताकि यूरिन जमीन पर गिरकर खराब न हो।
खुदरा बाजारों में यूरिन को व्यापारियों द्वारा 30 रुपये से 50 रुपये प्रति लीटर पर बेचा जाता है। जयपुर में एक दूध व्यापारी ने कहा है कि "मैं 30 रुपये से 50 रुपये के बीच गोमूत्र का एक लीटर बेचता हूं। जैविक किसानों में गोमूत्र की मांग अधिक है जो इसे कीटनाशक के रूप में इस्तेमाल करते हैं।"
उदयपुर में महाराणा प्रताप कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोमूत्र के बड़े खरीदार में से एक है। यह विश्विविद्यालय खेती के लिए प्रति माह 300-500 लीटर गोमूत्र खरीदता है। इसमें विश्वविद्यालय को 15,000 रुपये से 20,000 रुपये खर्च करना पड़ता है।
More Articles
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग
- आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति
- Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?
- मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके