GST के एक साल पूरे होने के बाद हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों और कंज्यूमर दोनों को बड़ी राहत मिली है। कारोबारियों के लिए जहां रिटर्न भरने की प्रक्रिया सरल हो गई है वहीं 35 से ज्यादा आइटम पर जीएसटी की दर घटा दी गई है। इसके अलावा महिलाओं के लिए भी बड़ी खुशखबरी है जीएसटी काउंसिल की बैठक से आई और सैनेटरी नैपकीन से जीएसटी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
छोटे कारोबारियों के लिए रिटर्न भरना आसान किया गया है। 28 फीसदी स्लैब वाले कई प्रोडक्ट्स पर जीएसटी घटाया गया है। जीएसटी को आसान बनाने के लिए GST काउंसिल ने कई बड़े अहम फैसले किए हैं। इनमें सबसे बड़ा फैसला ये है कि 5 करोड़ रुपए तक के टर्न ओवर वाले कारोबारियों को अब मासिक की जगह 3 महीने में रिटर्न भरना होगा। इसके अलावा काउंसिल ने रिटर्न फॉर्म भरना होगा। इसके अलावा काउंसिल ने रिटर्न फॉर्म को आसान बनाने के लिए भी मंजूरी दे दी है।
टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, लेदर के समान, पेंट्स, फुटवेयर सहित कई सामानों की दरों में कटौती की गई है। 17 आइटम को 28 फीसदी जीएसटी स्लैब से हटाया गया है। सैनेटरी नैपकिन को टैक्स के दायरे से बाहर किया गया है। मार्बल से बनी मूर्तियों को जीएसटी से बाहर किया गया है। बिना सोने-चांदी वाली राखियां भी जीएसटी से बाहर की गई हैं। वहीं आयुष्मान भारत के तहत लगने वाले प्रीमियम को जीएसटी से छूट दी गई है।
बांस की फलोरिंग पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है। शुगर सेस पर कोई फैसला नहीं हुआ और सिर्फ रिर्पोट सौंपी गई है। 1000 रुपए से कम के फुटवियर पर अब 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। पहले 500 रुपए तक के फुटवियर पर 5 फीसदी जीएसटी लगता था। एथेनॉल पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 फीसदी किया गया है। पेंट्स पर जीएटसी लगता था। एथेनॉल पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। पेंट्स पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 प्रतिशत किया गयाहै। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को इनपुट टैक्स मिलेगा।
फ्रिज और फ्रिजर्स पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। वॉशिंग मशीन और टीवी पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। वैक्यूम क्लीनर, जूसर पर जीएटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। Perfume, टॉयलेट क्लीनर पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 फीसदी किया गया है। जीएसटी की संशोधित नई दरें 27 जुलाई से लागू होंगी। रिवर्स चार्ज मैकेनिजम् 30 सितंबर 2019 तक टाल दिया गया है। ई-कॉमर्स वालों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
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