मोदी केयर योजना या आयुष्‍मान भारत योजना के तहत सरकार करीब 11 करोड़ 'फैमिली कार्ड' छापेगी और उन्‍हें लोगों तक पहुंचाएगी। इसके अलावा सरकार गावों में 'आयुष्‍मान पखवाड़ा' का आयोजन करेगी और उसी दौरान कार्ड दिए जाएंगे। इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिर्पोट के अनुसार इसके अलावा सरकार दिल्‍ली में 24X7 कॉल सेंटर भी बनाएगी, जहां इस मेडिकल इंश्‍योरेंस योजना से जुड़ी लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी और सवालों के जवाब दिए जाएंगे।

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कार्ड पर योजना के पात्र सदस्‍यों के होंगे नाम

इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स ने अपनी रिर्पोट में आगे बताया कि फैमिली कार्ड पर इस योजना के पात्र सदस्‍यों के नाम होंगे। कार्ड के साथ हर व्‍यक्ति के नाम वाला एक लेटर दिया जाएगा, जिसमें आयुष्‍मान भारत योजना की विशेषताएं बताई जाएंगी। इस योजना के सीईओ के अनुसार सरकार ने ग्रामीण इलाकों में 80 प्रतिशत लाभार्थी और शहरी क्षेत्रों से 60 प्रतिशत लाभार्थियों का चयन अब तक इन कार्ड के लिए किया है।

हेल्‍पलाइन से 24 घंटे प्राप्‍त कर सकते हैं सहायता

जो टोल फ्री नंबर प्रदान किया जाएगा उससे नेशनल लेवल पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। इस सेंटर से नागरिकों के ईमेल और ऑनलाइन चैट का जवाब भी दिया जाएगा। दोनों ही प्रोजेक्‍ट के लिए सर्विस प्रोवाइडर का चयन अगले महीने तक कर लिया जाएगा। आयुष्‍मान योजना के सीईओ के अनुसार यह कार्ड आइडेंटिफिकेशन प्रोसेस को आसान बनाने का एक रास्‍ता है, लेकिन पहचान के दूसरे दस्‍तावेजों की जरुरत भी संबंधित व्‍यक्ति की जानकारी को प्रमाणित करने के लिए होगी।

इतने बांटने होंगे कार्ड

तो वहीं बिड दस्‍तावेजों के अनुसार अनुमान है कि रोज करीब 5 लाख लेटर जारी करने की स्‍पीड से दो साल में 10.74 करोड़ इंफॉर्मेशन लेटर और फैमिली कार्ड छापने और बांटने होंगे। लेटर को छापने में ज्‍यादा समय नहीं लगेगा और न ही पात्र परिवारों के पास लेटर नहीं पहुंचने पर उन्‍हें इन सेवाओं के अयोग्‍य घोषित नहीं किया जाएगा। आयुष्‍मान भारत योजना: 5 लाख तक कवर, 10 करोड़ से अधिक परिवार को मिलेगा लाभ

नेशनल हेल्‍थ एजेंसी से लाभार्थी के बारे में जानकारी प्राप्‍त करेंगे

सर्विस प्रोवाइडर नेशनल हेल्‍थ एजेंसी से लाभार्थी के बारे में जानकारी लेकर ये लेटर छापेगा, पिन कोड के अनुसार उनकी बंडलिंग करेगा और संबंधित जिला मुख्‍यालयों पर पहुंचाएगा और लेटर ग्राम पंचायतों को दिए जाएंगे। इसके बाद आयुष्‍मान पखवाड़ा के दौरान लाभार्थियों को ये पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा हेल्‍थ वर्कर्स को भी लोगों के घर ये पत्र पहुंचाने की जिम्‍मेदारी दी जाएगी।