पाकिस्तान के हजार हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान किया गया है। नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों के उन सदस्यों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाये हैं जो यहां स्थाई रूप से बसने के इरादे से आते है।
मोदी सरकार ने साल 2018 में 6,092 पाकिस्तानियों को लॉन्ग टर्म वीजा (एलटीवी) दिया है। वहीं साल 2011 से अब तक करीब 30,000 पाकिस्तानियों को एलटीवी मिल चुकी है। वहीं ऐसे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत में प्रॉपर्टी खरीदने तथा पैन और आधार कार्ड रखने का अधिकार मिला है।
इन पाकिस्तानियों में ज्यादातर हिंदू लोग हैं। इतना ही नहीं मोदी सरकार पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदुओं सहित अन्य अल्पसंख्यकों की मदद पर खास जोर दे रही है। आजतक के सोर्स से यह पता चला है कि गृह मंत्रालय के मुताबिक साल 2011 से 2014 के बीच 14,726 पाकिस्तानी नागरिकों को लॉन्ग टर्म वीजा दिया गया है।
खरीद सकेंगे मकान
केंद्र सरकार की नवीनतम नीति के अनुसार भारत में लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रहे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक (हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और क्रिश्चियन) अब अपने परिवार की जरूरत या रोजगार की जरूरतों के लिए छोटा-सा मकान भी खरीद सकते हैं।
हालांकि, इस बात की भी जानकारी दी गयी है कि सेना के कैंट जैसे प्रतिबंधित या संरक्षित इलाके में जमीन नहीं खरीद सकते। वहीं यह भी बताया गया है कि सभी लोगों को पेन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस दिया जायेगा। अपने जीवनयापन के लिए कारोबार भी कर सकते है। वहीं इस बात से भी अवगत कराया गया कि किसी दूसरे राज्यों का भमण करने वक्त एलटीवी पेपर लेकर जाना अनिवार्य है।
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