चीन की आर्थिक वृद्धि दर 2018 की दूसरी तिमाही में धीमी पड़ी है। चीन ने इसकी प्रमुख वजह अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध के संभावित वैश्विक नुकसान के प्रति चेताया भी है । वहीं हम आपको बता दे कि एएफपी के एक सर्वेक्षण के अनुमान के मुताबिक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की वृद्धि दर अप्रैल- जून तिमाही में 6.7 प्रतिशत रही जो कि जनवरी-मार्च में 6.8 प्रतिशत थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के प्रवक्ता माओ शेंगयोंग ने कहा कि भले ही तिमाही आधार पर चीन की आर्थिक वृद्धि में गिरावट देखी गई है, परंतु अभी भी सरकार द्वारा तय 6.5 प्रतिशत वार्षिक लक्ष्य से उंची है।
शेंगयोंग ने कहा कि अपनी र्अथव्यवस्था को बचाने के लिए चीन को इस समय कई मोर्चों पर लड़ना पड़ रहा है। इसमें चीनी मुद्रा युआन और चीनी पर कर्ज का बढ़ता बोझ शामिल है। वहीं वैश्विक व्यापार में संरक्षणवाद के बढ़ने से व्याप्त तनाव से दुनिया की अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी है। वहीं शेंगयोंग ने कहा कि गहराते व्यापार संकट के वास्तविक प्रभाव अभी दिखाई दिए जाने बाकी है।
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