भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर लगातार कयास लगाए जा रही हैं। हाल में सरकार ने यह उम्‍मीद जताई है कि 2030 तक देश की अर्थव्‍यवस्‍था 10,000 अरब डॉलर के आंकड़े को छू लेगी। अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग ने कहा है कि जल्‍द ही अच्‍छे दिन आने वाले हैं। अर्थव्‍यवस्‍था में कई अच्‍छे काम हो रहे हैं अर्थव्‍यवस्‍था के मामले में भारतीय गर्व से सिर ऊँचा कर सकते हैं।

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गर्ग ने कहा कि 40 साल में देश की अर्थव्‍यवस्‍था बड़े मुश्किल से 3.5 फीसदी तक पहुंच पायी थी। आज इसके 7 से 8 प्रतिशत के बीच रहना आम बात हो गई है।

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उन्‍होंने कहा कि 10,000 अरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनना चुनौती के साथ ही एक बड़ा मौका भी है। अब 8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल की जा सकती है। यदि इसे हासिल कर लिया गया तो हम दुनिया के तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बन सकते हैं।

एससी गर्ग का यह बयान ऐसे मौके पर आया है जब वर्ल्‍ड बैंक के आंकड़ों के अनुसार भारत फ्रांस को पीछे छोड़कर दुनिया की छठवीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था के रुप में उभरा है। आंकड़ों के अनुसार 2017 में भारत 2,590 अरब डॉलर जीडीपी के साथ छठवीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था वाला देश रहा।

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आर्थिक मामलों के सचिव ने यह भी कहा है कि 2022 तक भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के 1,000 अरब डॉलर की डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था बनने की उम्‍मीद है, जो 2030 तक कुल अर्थव्‍यवस्‍थ की आधी हो जाएगी। आपको बता दें कि जनवरी-मार्च 2018 में देश की अर्थव्‍यवस्‍था 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। तो वहीं जीडीपी में वृद्धि का आंकड़ा पिछली सात तिमाहियों से ज्‍यादा है।