प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पूर्वांचल के लोगों को मिला तौफा। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे लंबे पूर्वांचल एक्‍सप्रेस-वे का शिलान्‍यास किया है। इस पूरे प्रोजेक्‍ट पर 23349 करोड़ रूपये की लागत आएगी । लगभग 341 किलोमीटर लंबे इस एक्‍सप्रेस-वे से उत्‍तर प्रदेश के 9 जिलों को सीधे-सीधे फायदा होगा। राज्‍य के विकास की दृष्टि से इस एक्‍सप्रेस-वे को काफी महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। इस एक्‍सप्रेस-वे के बनने से इन जिलों में 10 तरह की बिजनेस एक्टिविटीज की जा सकती है, जो लोगों के जीवन स्‍तर को बेहतर बनाने का काम करेगा।

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पूर्वांचल की तस्‍वीर बदल जाएगी
कायर्क्रम के दौरान मोदी ने कहा कि पूर्वांचल एक्‍सप्रेस-वे उत्‍तर प्रदेश की आशाओं और आकाक्षाओं को नई बुलंदियां देने वाला है। पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे पर 23,000 करोड़ से ज्‍यादा खर्च किए जाएंगे।

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वॉटर- वे और एयर-वे बनेंगे
मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिर्फ हाईवे ही नहीं बल्कि वॉटरवे और एयरवे पर भी तेजी से काम चल रहा है। गंगा में बनारस से हल्दिया तक चलने वाले जहाज इस पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और आगे ले जाएंगे। वहीं उत्तर प्रदेश के 12 एयरपोर्ट उड़ान योजना के तहत विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा एक और चीज बढ़ेगी और वो है पर्यटन. इस क्षेत्र में जो हमारे महत्वपूर्ण पौराणिक स्थान हैं, भगवान राम से जुड़े, हमारे ऋषि मुनियों से जुड़े, उनका अब अधिक प्रचार-प्रसार हो पाएगा।

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रोजगार में होंगी बढ़ोतरी
पीएम ने कहा कि यहां के युवाओं को अपने पारंपरिक कामकाज के साथ-साथ रोज़गार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। किसान हो, पशुपालक हो, बुनकर हो, मिट्टी के बर्तनों का काम करने वाला हो, हर किसी के जीवन को ये एक्सप्रेस-वे नई दिशा देने वाला है। इस रोड के बन जाने से पूर्वांचल के किसानों का अनाज, फल, सब्जी, दूध, कम समय में दिल्ली की बड़ी मंडियों तक पहुंच पाएगा।