सरकार ने राष्‍ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) और लोक भविष्‍य निधि (PPF) सहित अन्‍य लघु बचत योजनाओं पर जुलाई-सितंबर के लिए ब्‍याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। आपको बता दें कि लघु बचत योजनाओं पर ब्‍याज दरों को तिमाही के आधार पर अधिसूचित किया जाता है।

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अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों में वृद्धि के कारण, यह उम्मीद की गई थी कि सरकार छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें भी बढ़ाएगी। इनमें से कई योजनाएं जैसे कि पीपीएफ, एनएससी, डाकघर मासिक आय योजना, और वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाएं निश्चित आय अर्जित करने वालों के साथ लोकप्रिय हैं।

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2017-18 की चौथी तिमाही जितनी ही रहेगी ब्‍याज दर

वित्‍त मंत्रालय ने दूसरी तिमाही के लिए दरों को अधिसूचित करते हुए कहा है कि वित्‍त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही के लिए विभिन्‍न लघु बचत योजनाओं पर ब्‍याज दर यथावत रहेगा। इस पर ब्‍याज दर वही होगी जो 2017-18 की चौथी तिमाही को अधिसूचित की गई थी।

वरिष्‍ठ नागरिक बचत योजना पर ब्‍याज दर

तो वहीं पांच वर्षीय वरिष्‍ठ नागरिक बचत योजना पर ब्‍याज दर 8.3 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। वरिष्‍ठ नागरिकों की इस योजना के तहत ब्‍याज तिमाही आधार पर दिया जाता है। PPF, NSC पर ब्‍याज दर 7.6 प्रतिशत मिलेगी जबकि किसान विकास पत्र पर ब्‍याज 7.3 प्रतिशत मिलेगी और यह 11 महीने में परिपक्‍व होगा।

सुकन्‍या समृद्धि पर ब्‍याज दर

इसके अलावा सुकन्‍या समृद्धि योजना पर ब्‍याज दर 8.1 प्रतिशत रहेगी। एक से पांच साल की मियादी जमाओं पर ब्‍याज 6.6 प्रतिशत से 7.4 प्रतिशत रहेगी। तो वहीं पांच साल की रीकरिंग डिपॉजिट पर ब्‍याज दर 6.9 प्रतिशत होगी। सरकार ने 2016 में लघु बचत योजनाओं के लिए ब्‍याज दर तिमाही आधार पर निर्धारित करने की घोषणा की थी।

बैंकों में एफडी पर बढ़ रही है ब्‍याज दरें

हालांकि सरकार ने ब्याज दरें अपरिवर्तित रखी हैं, जबकि बैंक सावधि जमा (एफडी) पर दी गई दरों में वृद्धि कर रहे हैं। वर्तमान में, देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) एक साल की अवधि के साथ एफडी के लिए 6.65 फीसदी की ब्याज दर दे रहा है लेकिन दो साल से भी कम है। दूसरी ओर, एक साल के लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में ब्याज दर 6.6 प्रतिशत है।