वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट के सौदे के खिलाफ लगभग 1000 जगहों पर खुदरा कारोबारियों ने देशभर में प्रदर्शन किया। खुदरा कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने सरकार से मांग की थी कि इस सौदे से ई-कॉमर्स क्षेत्र में गलत चलन में कई गुना वृद्धि होगी। उन्‍होंने कहा कि वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदा खुदरा कारोबार को हथियाने की दिशा में एक कदम आगे साबित होगा।

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कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भरतिया और महासचिप प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कई ई-कॉमर्स कंपनियों ने विगत वर्षों के दौरान कीमतों में लूट, भारी छूट और अन्‍य गलत तरीकों के जरिए ई-कॉमर्स मंच को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्‍होंने दावा किया है कि ऐसे समय में जब ई-कॉमर्स के बारे में कोई स्‍पष्‍ट्र नीति नहीं है तो वॉलमार्ट के लिए प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश नीति के प्रेस नोट तीन का उल्‍लंघन करना बेहद आसान हो जाएगा।

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इसके पहले कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने अपने बयान में यह कहा है कि इससे वॉलमार्ट को फ्लिपकार्ट खरीद परोक्ष तरीके से खुदरा व्‍यापार में घुसने का प्रोत्‍साहन मिला। यह भी कहना है कि व्‍यापारियों का संगठन कैट पहले ही इस संदर्भ में भारतीय प्रतिस्‍पर्धा आयोग को अपनी आपत्तियों से अवगत करा चुका है और जरुरत पड़ने पर वह अदालत में भी इस सौदे का विरोध करेगा।