वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़कर 61.96 अरब डॉलर हो गया, जो वित्त वर्ष अरब डॉलर के स्तर पर था। DIPP सचिव रमेश अभिषेक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के 4 साल के कार्यकाल के दौरान विदेशी निवेश बढ़कर 222.75 अरब डॉलर हो गया, जो इससे पहले के चार साल में 152 अरब डॉलर के स्तर पर था।
यूएन कांफ्रेंस ऑन ट्रेड एण्ड डेवलपमेंट की वर्ल्ड इंवेस्टमेंट रिर्पोट 2018 के अनुसार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2017 में गिरकर 40 अरब डॉलर पर आ गया। 2016 में 44 अरब डॉलर का FDI भारत में आया था। रिर्पोट के अनुसार 2017 के ग्लोबल एफडीआई FLOW 23 फीसदी गिरकर 143 लाख करोड़ डॉलर पर आ गया। 2016 में यह 1.87 लाख करोड़ डॉलर था।
यूएन कांफ्रेंस ऑन ट्रेड एण्ड डेवलपमेंट की रिर्पोट के अनुसार, भारत में FDI 2016 के 44 अबर डॉलर से घटकर 2017 में 40 अरब डॉलर पर आ गया, लेकिन भारत से एफडीआई आउटफलो इस दौरान दोगुना से ज्यादा बढ़कर 11 अरब डॉलर हो गया। रिर्पोट में कहा है कि पिछले साल भारत की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ONGC ने हाल के वर्षो में विदेश में निवेश बढ़ाया है।
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