कर्ज के बोझ से जूझ रही रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने अपने परिचालन कर्जदाता एरिक्सन का बकाया चुकाने के लिये 500 करोड़ रुपएके अग्रिम भुगतान की पेशकश की है। एरिक्सन ने अनिल अंबानी समूह की इस कंपनी के खिलाफ दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता आदेश हासिल किया है। राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में सुनवाई के दौरान आरकॉम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अग्रिम भुगतान का सुझाव रखा।
समाचार पोर्टल जी न्यूज ने खबर प्रकाशित करते हुए लिखा है कि, एनसीएलएटी के चेयरमैन न्यायाधीश एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने कंपनियों से आपसी सहमति से मामले को सुलझाने को कहा। 'कंपनियों की समाधान प्रक्रिया में आपको परिचालन से जुड़े कर्जदाताओं की स्थिति का पता है। आपको 5 प्रतिशत भी नहीं मिलेगा। आप यदि चाहते हैं तो हम आपको निपटान के लिये समय दे सकते हैं।' एरिक्सन के वकील ने कहा कि कंपनी का कुल बकाया 978 करोड़ रुपएथा जो बढ़कर 1,600 करोड़ रुपएहो गया।
पीठ ने कहा, 'अगर आप चाहते हैं तो हम निपटान की अनुमति दे सकते हैं। इस मुद्दे को सुलझाने के तौर तरीके निकालें।' आरकॉम ने एनसीएलटी के आदेश पर रोक लगाने की याचिका दायर की है जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी। एनसीएलटी ने एरिक्सन की याचिका पर आरकॉम के खिलाफ ऋणशोधन प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान सिब्बल ने कहा कंपनी पर कुल मिलाकर लगभग 46,000 करोड़ रुपएका कर्ज है।
उन्होंने आगे कहा कि रिलायंस जियो ने स्पेक्ट्रम बकाये और रिण हस्तांतरण सहित 17 हजार करोड़ रुपएअग्रिम भुगतान की पेशकश की है। रिलायंस जियो कंपनी की परिसंपत्तियों को खरीद रही है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान