पंजाब नेशनल बैंक के 14000 करोड़ के घोटाले में सीबीआई, इलाहाबाद बैंक के सीईओ और एमडी ऊषा अनंतसुब्रमणयन और अन्‍य के खिलाफ चार्जशीट फाइल करने जा रही है। आपको बता दें कि अनंतसुब्रमणयन 2016 में पीएनबी के एमडी थे। उसी दौरान यह घोटाला हुआ था। चार्जशीट में अब कुछ नए नामों को भी जोड़ा गया है, रिर्पोट्स के अनुसार इन अधिकारियों ने आरबीआई की ओर से 2016 में Swift कंट्रोल सिस्‍टम के सिलसिले में जारी किए गए सर्कुलर के हिसाब से काम नहीं किया था। जिस कारण से CBI इन सभी से पूछताछ कर चुकी है। बाद में और जानकारी के साथ सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट फाइल करेगी।

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यह था आरोप

आरोप के अनुसार नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने पीएनबी के डिप्‍टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की थी। इस पर सीबीआई का कहना है कि शेट्टी ने बैंक की ब्रैडी हाउस ब्रांच में तैनाती के दौरान मोदी व चोकसी समूह के लिए फर्जी तरीके से लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग जारी किए थे। इस केस में अब तक 19 लोगों को कैद किया जा चुका है। फिलहाल नीरव मोदी और चौकसी फरार हैं लेकिन सभी का नाम चार्जशीट में शामिल है।

दो अलग-अलग हैं एफआईआर

इस घोटाले में सीबीआई ने दो अलग-अलग FIR दर्ज किए हैं और ज्‍यादातर आरोपियों का नाम दोनों चार्जशीट में है। पहली एफआईआर में मोदी, एमी, निशाल और मोदी के चाचा मेहुल चोकसी सहित अन्‍य का नाम है। दूसरी एफआईआर में चोकसी, गीतांजली जेम्‍स और अन्‍य पर फोकस है।

RBI ने निरीक्षण रिपोटों की प्रति साझा करने से किया इंकार

तो वहीं दूसरी तरफ एक और खबर आयी है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने हजारो करोड़ रूपए के घोटाले का शिकार बने पंजाब नेशनल बैंक मामले में निरीक्षण रिपोटों की प्रति साझा करने से इंकार कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए सूचना के अधिकार कानून के उन प्रावधानों का हवाला दिया है, जो उन ब्‍योरों का खुलासा करने से रोकता है जो जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं या दोषियों पर कार्रवाई में असर डाल सकते हैं।

आरबीआई का जवाब

रिजर्व बैंक ने इस बारे में आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा है कि उसके पास इस तरह की कोई विशेष सूचना नहीं है कि पीएनबी में 13,000 करोड़ रुपए का घोटाला कैसे सामने आया। आरबीआई ने इस आवेदन को पीएनबी के पास भेज दिया है।