जल्‍द ही दिल्‍ली सरकार ओपीडी सेवाओं, प्रोसीजर और जांच की कीमतें तय कर सकती है। ऐसा कदम कई अस्‍पतालों से ओवर चार्जिंग की शिकायत के बाद उठाया जा रहा है। दिल्‍ली सरकार ने निजी अस्‍पतालों पर नकेल कसने के लिए एक कमेटी गठित की थी। सीएनबीसी-आवाज की रिर्पोट के अनुसार कमिटी ने अपनी रिर्पोट दिल्‍ली सरकार को सौंप दी है।

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रिर्पोट के अनुसार अब डॉक्‍टर की फीस के बारे में मरीज को समझाना होगा, ओपीडी सेवाओं की अधिकतम फीस तय होगी और जांच की कीमत भी तय होगी। सीएनबीसी आवाज ने अपनी रिर्पोट में आगे बताया है कि एक्‍स-रे, सीटी स्‍कैन समेत तमाम जांच की कीमत तय होगी। अब अस्‍पताल मरीजों से मनमानी रकम नहीं वसूल पाएंगे। भर्ती के समय मरीज को अनुमानित खर्च बताना होगा।

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तय कीमत से ज्‍यादा वसूली पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान होगा।

प्रस्‍तावित नियमों के अनुसार प्रॉफिट मार्जिन का निर्धारण एक्‍स फैक्‍ट्री प्राइस से होगा। हालांकि, एक्‍स फैक्‍ट्री प्राइस पता लगाना दिल्‍ली सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। ऐसा माना जा रहा है कि यह नियम लागू होने पर बिल में 60 प्रतिशत तक की कमी का अनुमान है। अगले सप्‍ताह दिल्‍ली सरकार कीमत निर्धारति करने की घोषणा कर सकती है।