भारतीय रिजर्व बैंक ने आधार नंबर और बैंक खाते को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत नया बैंक अकाउंट खोलने के लिए अब आधार नंबर को अनिवार्य कर दिया गया है। फिलहाल इस पर बैंकिंग रेग्‍युलेटरी ने यह साफ किया है कि शीर्ष अदालत का फैसला आने के बाद ही इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा। जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आता तब तक इस गाइडलाइन का ही पालन करना होगा। आइए इस बारे में आपको थोड़ा विस्‍तार से बताते हैं।

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PMLA कानून में किया गया है संशोधन

रिर्पोट के अनुसार आरबीआई ने सरकार से बातचीत के आधार पर सभी बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। रिजर्व बैंक का यह भी कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से जून 2017 में PMLA कानून में संशोधन किया गया था। इस संशोधन के आधार पर सभी खातों के लिए आधार जरुरी किया गया था।

केवाईसी के लिए देना होगा ये दस्‍तावेज

आपको बता दें कि मार्च 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने आधार को सभी बैंक अकाउंट, इनकम टैक्‍स रिटर्न और मोबाइल नंबर को 31 मार्च तक लिंक करने के केंद्र सरकार के फैसले को बढ़ा दिया था। तो वहीं आरबीआई की नई गाइडलाइंस में बदलाव के तहत लोगों को केवाईसी के लिए आधार नंबर और पैन नंबर या फिर फॉर्म 60 देना होगा।

योजनाओं को भी आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ चुकी है

उच्‍चतम न्‍यायालय ने विभिन्‍न योजनाओं को भी आधार से जोड़ने की आखिरी तारीख 31 मार्च को संविधान पीठ का फैसला आने तक आगे बढ़ा दिया था। तो वहीं आरबीआई ने यह भी कहा है कि उसके द्वारा नियंत्रित की जाने वाली सभी बैंकों और अन्‍य कंपनियों पर यह गाइडलाइन लागू होगी। जबकि जम्‍मू-कश्‍मीर, आसाम और मेघालय में यह नियम लागू नहीं होगा।

वेलफेयर स्‍कीम के लिए आखिरी तारीख

आपको याद दिला दें कि इससे पहले सरकार ने वेलफेयर स्‍कीम के साथ आधार लिंक करने की अंतिम तारीख को भी बढ़ा दिया था। सरकार ने कल्‍याणकारी योजनाओं के साथ आधार लिंक कराने की अंतिम तारीख को 3 महीने बढ़ाकर 30 जून कर दिया था। इससे पहले पैन कार्ड को भी आधार से 31 मार्च तक लिंक करना था।