पिछले कुछ महीनों से इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार 2000 रुपए के नोटों का मुद्रण बंद कर सकती है, अब इन अटकलों पर सरकार ने विराम लगा दिया है। मंगलवार को केंद्र सरकार ने इस बारे में बताते हुए कहा कि 'कुछ' समय के लिए 2000 रुपए के नोटों की सप्लाई को रोक दिया गया है। यहां आपको ये बता दें कि इन नोटों की सिर्फ सप्लाई रुकी है नोटों का चलन जारी है।

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'कुछ समय' के लिए रोक दी है सप्लाई

आपको बता दें कि नोटबंदी के बाद देश में पहली बार 2000 रुपए के नोटों को मुद्रण शुरु किया गया था। जिसके 17 महीने बाद 2000 रुपए के नोटों की सप्लाई को 'कुछ समय' के लिए रोक दिया गया है। इससे पहले तमाम विशेषज्ञों ने ये अनुमान लगाया था कि 2000 रुपए के नोटों का मुद्रण सरकार बंद कर सकती है और धीरे-धीरे इसे 100 रुपए की मुद्रा तक ला सकती है।

जरूरत से ज्यादा 200 रुपए के नोट मौजूद

देश में अचानक आए कैश की दिक्कतों पर प्रेसवार्ता करते हुए आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने 2000 रुपए के नोटों की कुछ समय के लिए सप्लाई रोकने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाजार में जरूरत से ज्यादा 2000 रुपए को नोट मौजूद हैं। उनके मुताबिक देश में 2000 रुपए के 6.70 लाख करोड़ रुपए के नोट चलन में हैं, इसीलिए उनकी सप्लाई फिलहाल के लिए रोक दी गई है।

500 रुपए के नोटों की सप्लाई होगी ज्यादा

वहीं उन्होंने ये भी कहा कि सरकार 500 रुपए के नोटों की सप्लाई बढ़ा रही है। देश में अगले कुछ महीनों में 500 रुपए के नोटों की सप्लाई 5 गुना बढ़ जाएगी। आर्थिक सचिव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि, प्रतिदिन 500 रुपए के 500 करोड़ रुपए कीमत के नोटों की आपूर्ति की जा रही थी जिसे अब बढ़ाकर 2500 करोड़ रुपए कर दिया जाएगा।

देश में 18 लाख करोड़ रुपए की मुद्रा का चलन

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने कहा कि सरकार के पास अभी रिजर्व में 2 लाख करोड़ रुपए की मुद्रा है, जो ज्यादा मांग के वक्त आपूर्ति में काम आ सकती है। इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि देश में 18 लाख करोड़ रुपए के नोट चलन में हैं।

200 रुपए की मुद्रा हो सकती है सबसे बड़ी करंसी

इससे पहले कुछ विशेषज्ञों ने इस बात का अनुमान लगाया था कि मोदी सरकार धीरे-धीरे बाजार में 2000 और 500 रुपए के नोटों की सप्लाई को बंद कर देगी और फिर 200 रुपए की मुद्रा सबसे बड़ी करंसी बन जाएगी। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि वह भ्रष्टाचार को रोक सकेगी। अमेरिका और तमाम यूरोपीय देशों में भी छोटी करंसी का ही चलन है। अमेरिका में 100 डॉलर का नोट सबसे बड़ी करंसी है जबकि इंग्लैंड में 50 पाउंड का नोट सबसे बड़ी करंसी है।