आइडिया एवं वोडाफोन कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है। जल्‍द ही वोडाफोन और आइडिया टेलीकॉम कंपनी का मर्जर होने वाला है जिसके चलते कंपनी आने वाले दो महीनों में 21,000 से ज्‍यादा कर्मचारियों में से एक चौथाई यानि कि लगभग 5000 कर्मचारियों की छटनी कर सकती है। इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिर्पोट के अनुसार ऐसा फैसला दोनों कंपनियों के मर्जर के बाद नई कंपनी को प्रभावशाली बनाने के लिए किया जाएगा।

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घाटे में चल रहीं हैं कंपनियां

आपको बता दें कि रिर्पोट के अनुसार इस समय दोनों ही कंपनियां घाटे में चल रही हैं। दोनों का मिलाकर इन पर लगभग 1,20,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। इसलिए मर्जर की प्रक्रिया को देखने वाली नोडल टीम ने दोनों कंपनियों को अगले दो म‍हीने में 5,000 कर्मचारियों की छंटनी करने के लिए कहा है।

छंटनी की वजह

छंटनी के दौरान ज्‍यादातर ऐसे एंप्‍लाई को निकाला जाएगा, जिनकी परफारमेंस अप्रेजल के दौरान अच्‍छी नहीं रही है। या फिर दोनों ही कंपनियों में जो लोग एक ही प्रोफाइल पर काम कर रहे हैं। इस तरह से कुछ मिलाकर लगभग 5 हजार कर्मचारियों की छटनी हो सकती है।

जल्‍द ही होगा ले-ऑफ

इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स ने अपने रिर्पोट में आगे बताया कि कंपनी के एग्जिक्‍यूटिव का कहना है कि ले-ऑफ जल्‍द ही होना चाहिए, क्‍योंकि इतने भारी कर्ज के साथ दोनों कंपनियां यह नहीं चाहेंगी कि वे नए वेंचर की शुरुआत अधिक कर्मचारियों के बोझ के साथ करे।

मई तक विलय होने की संभावना

आपको बता दें कि आइडिया और वोडाफोन के मर्जर को टेलीकॉम डिपॉर्टमेंट को छोड़कर अन्‍य रेगुलेटर्स से अनुमति मिल गई है। ऐसा माना जा रहा है कि मई तक यह विलय पूरा हो सकता है। इस बारे में एक्‍सपर्ट का कहना है कि मर्जर से कंपनी अर्निंग पर शेयर में बढ़ोत्‍तरी होगी और कर्ज घटेगा। तो वहीं ऑपरेशनल कॉस्‍ट बढ़ जाएगी।