आम लोगों का बुलेट ट्रेन में चढ़ने का सपना जल्‍द ही पूरा होने वाला है। मुंबई-अहमदाबाद रुट पर देश के पहले हाई स्‍पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट में कंस्‍ट्रक्‍शन का काम जनवरी में 2019 से शुरु हो जाएगा। इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की रिर्पोट के अनुसार 508 किमी लंबे इस रूट पर इस साल के अंत तक जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा हो जाएगा। साल 2022 के आखिर में 1.08 लाख करोड़ रुपए के इस मेगा प्रोजेक्‍ट के पूरा हो जाने की उम्‍मीद है।

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इंडियन हाई स्‍पीड रेल कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्‍ट के अनुसार रेलवे इस प्रोजेक्‍ट के लिए 1400 हेक्‍टेयर जमीन महाराष्‍ट्र और गुजरात में अधिग्रहण करने जा रहा है। जमीन अधिग्रहण में 10,000 करोड़ रुपए तक खर्च होंगे। आपको बता दें कि एनएचआरसी ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट को अंजाम तक पहुंचाने का जिम्‍मा है। इस एजेंसी की ही देश में हाई स्‍पीड रेल प्रोजेक्‍ट्स को संचालित करने की जिम्‍मेदारी होगी।

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इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स ने अपनी रिर्पोट में आगे बताया कि जापानी इंटरनेशन को-ऑपरेशन एजेंसी से फंड भी मिलना शुरु हो गया है। प्रोजेक्‍ट पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद की दूरी 9 घंटे की जगह केवल 2 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इस प्रोजेक्‍ट का औसतन ऑपरेशन कॉस्‍ट 1000 करोड़ रुपए के आसपास होगा और इस पर 4 प्रतिशत रिटर्न की उम्‍मीद कर रहे हैं।

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बता दें कि NHRC के अनुसार इस हाई स्‍पीड रूट पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच का किराया 3,000 रुपए होगा, जबकि बांद्रा-कुर्ला कॉम्‍पलेक्‍स और ठाणे के बीच का किराया 250 रुपए होगा। इस ट्रेन में बिजनेस क्‍लास भी होगा और इसका किराया 3,000 रुपए से अधिक रहने की संभावना है।