जीएसटी परिषद के निर्णयानुसार एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच सामान की आवाजाही के लिए 01 अप्रैल 2018 से ई-वे बिल प्रणाली की शुरूआत की गई थी। इस तारीख से कर्नाटक में राज्य की सीमा के भीतर सामान की आवाजाही के लिए भी ई-वे बिल प्रणाली लागू की गई। योजना की शुरूआत होने के बाद से ई-वे बिल सफलतापूर्वक निकाले जा रहे हैं और 09 अप्रैल 2018 तक 63 लाख से अधिक ई-वे बिल सफलतापूर्वक निकाले गए हैं।

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इन राज्‍यों में भी लागू होगा ई-वे बिल

अब 15 अप्रैल से 5 अन्‍य राज्‍यों में भी यह प्रणाली लागू हो जाएगी। 15 अप्रैल 2018 से निम्नलिखित राज्यो में राज्य की सीमा के भीतर सामान की आवाजाही के लिए ई-वे बिल प्रणाली लागू की जाएगी-

1. आंध्रप्रदेश

2. गुजरात

3. केरल

4. तेलंगाना

5. उत्तरप्रदेश

 

व्‍यापार में होगी आसानी

इन राज्यों में ई-वे बिल प्रणाली की शुरूआत होने से सामान की आवाजाही में व्यापार और उद्योग जगत को ओर सुगमता मिलेगी। इससे राष्ट्रीय स्तर पर एकल ई-वे बिल प्रणाली को लागू करने में सहायता मिलेगी। संबंधित राज्यो में उद्यमी,व्यापारी और परिवाहक अंतिम तिथि का इंतजार करे बिना तुरंत ई-बे बिल पोर्टल https://www.ewaybillgst.gov.in पर पंजीकरण और नामांकन कर सकते हैं।

ई-वे बिल के बारे में

ई-वे बिल के तहत 50 हजार रुपए से ज्‍यादा के अमाउंट के प्रोडक्‍ट की राज्‍य या राज्‍य से बाहर ट्रांसपोर्टेशन या डिलीवरी के लिए सरकार को ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन के जरिए पहले ही बताना होगा। इसके तहत ई-वे बिल जनरेट करना होगा जो 1 से 20 दिन तक वैलिड होगा। ई-वे बिल के नियमों में सरकार ने किया बदलाव

टैक्‍स चोरी में आएगी कमी

ऐसा मानना है कि ई-वे बिल के लागू हो जाने से सरकार के लिए टैक्‍स में चोरी पर लगाम कसने में आसानी हो जाएगी। ई-वे बिल रजिस्‍टर सप्‍लायर, बायर और ट्रांसपोर्ट जनरेट करेगा। साथ ही यह SMS के जरिए बनाया और कैंसिल कराया जा सकता है। देश भर में GST ई-वे बिल सिस्टम लागू